भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति

(c)२०००-२०२५. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। Editor: Gajendra Thakur

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Saturday, March 08, 2008

ज़िम्मेदारी

किछ महानुभाव अपन ज़िम्मेदारी कए बोझ समझेत छैथ आर किछ महानुभाव ओकरा अपन जीवन के उद्देश्य अपन कर्म आर कर्तव्य ! आइठंम सवाल इ नै अछि की के की मानैत छैथ, सवाल इ अछि की एके बात के लेल इ अलग -अलग नजरिया किये ?

बोझ या जीवे के उद्देश्य - हर काज के साथ जिम्मेदारी जुरल अछि ! बिना जिम्मेदारी कs पूरा केना कुनू काज मs सफलता के उम्मीद बैमानी अछि ! आब इ आहा क सोच्बाक अछि की काज जिम्मेदारी स करबाक चाही या बोझ समझ कs ....

जना की हम ककरो चर्चा करे छी त हुनकर छवि ध्यान मs आइब जैत अछि ! उधारण स्वरुप कुनू बच्चा के चर्चा करला पर ओकर मासूमियत, ओकर शरारत, ओका भोलापन सब स्मरण भो जाय यs ! बात कुनू मित्र के करू त हुनकर सज्जनता, आचरण व्यवहार सब हमरा सब के ध्यान म आइब जैत अछि ! ओहिना जखन कुनू कामयाबी के बारे म कुनू कामयाब आदमी के बारे म हमसब चर्चा करेत छलो त पबे छी सब के पाछा हुनकर जिम्मेदारी के हाथ छैन ! जखन - जखन स्वतंत्रता के चर्चा चले य तs ओई मए जै क्रांतिकारी के नाम बच्चा - बच्चा के जुबान पर होई छैन ओ खाली अई लेल की ओसब जे जे जिम्मेदारी लेलैथ रहे ओकरा बखूबी समझल्खिंन आर पूरा तन - मन आर जान न्योछावर करे हेतुओ ओ अपन जिम्मेदारी स कखनो पीछा नै हटलेथ !


हम त इये कहब कुनू भी काज कs जिम्मेदारी स करे के प्रयाश करी ! चाहे काज पैघ हुवे या छोट जिम्मेदारी स करल गेल काज के मज़े किछ आर होई य ! जिम्मेदारी स काज करै वला मए विवेकशीलता, आत्मविश्वास आर सकारात्मक सोच के अमूल्य धरोहर हुनकर मार्ग प्रशस्त करैत खुद हुनकर काज म कामयाबी के मिसाल बैन क सदैव हुनकर मनोबल उंचा राखे छैन ! आई जतेक अविष्कार हमरा सब के बिच अछि ओकरो करे वला कियो सधारने इन्सान रहथिन ! आई नव - नव तकनीक नव - नव अविष्कार, हर क्षेत्र म दिनोदिन प्रगति के नव नव रास्ता तखने खुलल य जखन हमरा सब क अपन अपन जिम्मेदारी के समझक अहसास भेल अछि !


आई कियोभी चाहे आदमी, संस्था, समाज या देश अपन जिम्मेदारी कए समझे बिना किछ भी हासिल नै के सके छैथ ! एक छोट सन क देश जापान जकरा पूर्ण रूप स तहस - नहस करे म कुनू कसर बांकी नै राखल गेल, ओ फेर आर पहिने स कही ज्यादा उन्नत रूप मए विश्व भैर म अपन स्थान बनेना अछि ! कुन दम पर ? यकीनन अपन जिम्मेदारी स उद्देश्य समेझ कs ....

अहिलेल कहेछलो आहू अपन जिम्मेदारी पूरा करे म कुनू कसर बांकी नै राखी ! यदि अपने क इ बोझ महसूस हुवे त यकीनन आहाके ओकरा बारे म आगा किछ भी सोच्बाक व्येथ अछि ! आहा ओई काज क ओहिठाम छोइर क चैन के निंद ली इये आहा के लेल बेहतर हेत ! कियेकी जखन आहा अपन आचरण आर व्यवहार मए कुनू बदलाव नै लाबे चाहे छी त कम स कम अपन समय बर्बाद नै करू ! पुरातन काल मए कतेक लड़ाई भेल, जते जिम्मेदारी स काज करल गेल ओते हुनका सब क जीत मिललैन आर जते जिम्मेदारी ठीक ढंग स पूरा नै भेल ओई ठाम परिणाम मए मिललैन - हार

अपने कs माने परत यदि आदमी कुनू जिम्मेदारी अपन इच्छा स लैत छैथ त ओ हुनकर ताकत आर जीवन जीवे के उद्देश्य बैन जाय छैन ! मुदा यदि कुनू जुम्मेदारी ज़बरन लिए परे त ओ बोझ महसूस हुवे लागे य ! सवाल जिम्मेदारी के अहसास के अछि ! जकरा संक्षेप्त म कहल जाय त अपन हालत आर हालात के जिम्मेदारी यदि आहा स्वयं पर ली तखने अई मs सूधार हेत !!

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SOME NEW BOOKS FROM VIDEHA EJOURNAL ARCHIVE   I.A PARALLEL HISTORY OF MITHILA & MAITHILI LITERATURE [TOME 1-4; VOLUMES 1-100] BY GAJENDR...