भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति

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Saturday, May 02, 2009

बहुत गलत बात अछि --


समस्त मैथिल और मिथिला पाठक गन के चर्ण स्पर्श अछि ---
हम आए से कुछ दिन पहिने एकटा रचना '' ''
बहुत महत्त्व अछि ""
से पाठक गन के सामने उपस्थित केने रही , एकटा फेर छोट छीन
शब्द कोष डिक्सनरी से लके हम आय
मैथिल और मिथिला में पुनः
""
बहुत गलत बात अछि "" से लके पाठक गन के सामने हाजिर छि ,

प्रेम सं कहू जय मैथिल जय मिथिला ---

""
बहुत गलत बात अछि ""

दूध में पैन के , दुश्मनी में आईंन के , गाम में डैन के ,
बहुत गलत बात अछि --------
बर्बाद करै में मुस के , नोकरी मे घुस के , बनिया में मखीचूस के ,
बहुत गलत बात अछि --------
भाई में बैमान के , कर्म में अभिमान के , मनुष्य में सैतान के ,
बहुत गलत बात अछि --------
नशा में दारू के , आदमी में भारू के , मिया - बीबी संग झारू के ,
बहुत गलत बात अछि --------
मेला में जेवर के , डैविटिज में मिठाई घेवर के , बदमाशी में देवर के ,
बहुत गलत बात अछि --------
पूजा -पाट बिना पीपल के ,श्रधकर्म बिना पीतल के , बरी -भात बिना जूरी शीतल के ,
बहुत - गलत बात अछि ---------------
नारी गर्दन बिना अठन्नी के, समान बेचनाय बिना पन्नी के , पेंटिंग बिना मधुबनी के ,
बहुत - गलत बात अछि ---------------
डिगरी बिना ईग्न्नु के , खिसा -पिहानी बिना गन्नू के , लेन - देन में भीख मग्न्नु के
बहुत - गलत बात अछि ---------------
आदमी में दुराचारी के , फल में मह्कारी के , इंडिया में बेरोजगारी के ,
बहुत गलत बात अछि --------
समाज में काम चोर के , आदमी में सुईद खोर के , लराई में लातखोर के ,
बहुत गलत बात अछि --------
ब्यबसय में मन मर्जी के , सिग्नेचर में फर्जी के , फोज में बिना बर्दी के ,
बहुत गलत बात अछि --------
बस में जेब कत्तर के , हर बात में अक्तर के , गंदगी में बत्तर के ,
बहुत गलत बात अछि --------
सरक पर भीख माँगा के , सहर में लफंगा के , शरीर में बिना अंगा के
बहुत गलत बात अछि --------
चलें में मटकैत के , जंगली एरिया में डकैत के , गाम में लठैत ,
बहुत गलत बात अछि --------
नशा में सिकरेट के , हर बात में डारेकट के , आदत में क्रिकेट के ,
बहुत गलत बात अछि --------
इंडिया में बिना टेक्स के , दफ्तर में बिना फेक्स के , फॉरनर में सेक्स के ,
बहुत गलत बात अछि --------
विराद्धा अबस्था में बिना लाठी के , चिता पर बिना काठी के , सीरियल में बिना मराठी के ,
बहुत गलत बात अछि -----
शरक पर क्च्चरा के , बारादरी में झगरा के , कागज - पत्तर में लफरा के ,
बहुत गलत बात अछि -----
गाम में बिना भोज के , मजदूरी में बिना रोज के , साइंस में बिना खोज के ,
बहुत गलत बात अछि -----
यात्रा बिना मंगल के , प्रोग्राम बिना दंगल के , व्रत में अंजल के ,
बहुत गलत बात अछि -----
विदियार्थी बिना मास्टर के , हॉस्पिटल बिना डाक्टर के , फिल्म बिना डारेक्टर के ,
बहुत गलत बात अछि -----
उग्रवादी बिना तालिवान के , कुस्ती बिना पहलवान के , अतिथि के बिना जलपान के,
बहुत गलत बात अछि -----
मनोरंजन बिना खेल के , बिजनेस बिना सेल के , कैदी बिना जेल के ,
बहुत गलत बात अछि -----
रेड लाइट बिना अक्सिडेंट के , हॉस्पिटल बिना पेशेंट के , दाँत बिना पेप्सोडेंट के ,
बहुत गलत बात अछि -----
जनौऊ संस्कार बिना बरुवा के , मैथिल भोजन करेनाय बिना तरुवा के , आराम केनाय बिना गेरुवा के ,
बहुत गलत बात अछि ---------
अध्ययन बिना कम्पूटर के , पंखा बिना रेगुलेटर के , नियूज बिना प्रेशरिपोटर के ,
बहुत गलत बात अछि ---------
भगवन पूजा बिना माला के , घर छोरी बिना ताला के , सासुर जेनाय बिना साला के ,
बहुत गलत बात अछि ---------
शहर में बिना लाइट के , लराई में बिना फाइट के , जींस पेंट बिना टाईट के ,
बहुत गलत बात अछि -----
नागरिकता बिना मतदान के , जिनगी बिना कन्यादान के , परोपकर बिना रक्तदान के ,
बहुत गलत बात अछि -----------
महाभारत में शोक्न्नी के , शहर में बिना पत्त्नी के , आ रचना में बिना टिप्पणी के ,
बहुत गलत बात अछि -----


मदन कुमार ठाकुर ,
पट्टीटोल , भैरव स्थान , झंझारपुर ,मधुबनी , बिहार - ८४७४०४
Mo - 9312460150 ,E-mai - madanjagdamba@yahoo.com

गजेन्द्र ठाकुर समग्र

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