भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति

(c)२०००-२०२५. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। Editor: Gajendra Thakur

रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि। सम्पादक 'विदेह' प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका ऐ ई-पत्रिकामे ई-प्रकाशित/ प्रथम प्रकाशित रचनाक प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ मूल आ अनूदित आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार रखैत छथि। (The Editor, Videha holds the right for print-web archive/ right to translate those archives and/ or e-publish/ print-publish the original/ translated archive).

ऐ ई-पत्रिकामे कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। एहि ई पत्रिकाकेँ मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि।

 

(c) २००-२०२ सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि।  भालसरिक गाछ जे सन २००० सँ याहूसिटीजपर छल http://www.geocities.com/.../bhalsarik_gachh.htmlhttp://www.geocities.com/ggajendra  आदि लिंकपर  आ अखनो ५ जुलाइ २००४ क पोस्ट http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html  (किछु दिन लेल http://videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html  लिंकपर, स्रोत wayback machine of https://web.archive.org/web/*/videha  258 capture(s) from 2004 to 2016- http://videha.com/  भालसरिक गाछ-प्रथम मैथिली ब्लॉग / मैथिली ब्लॉगक एग्रीगेटर) केर रूपमे इन्टरनेटपर  मैथिलीक प्राचीनतम उपस्थितक रूपमे विद्यमान अछि। ई मैथिलीक पहिल इंटरनेट पत्रिका थिक जकर नाम बादमे १ जनवरी २००८ सँ "विदेह" पड़लै।इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/  पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA

Showing posts with label भालसरिक गाछ. Show all posts
Showing posts with label भालसरिक गाछ. Show all posts

Sunday, July 27, 2008

विदेह १५ मई २००८ वर्ष १ मास ५ अंक १०

विदेह १५ मई २००८ वर्ष १ मास ५ अंक १०
'विदेह' १५ मई २००८ (वर्ष १ मास ५ अंक १०)एहि अंकमे अछि:-
१.नो एंट्री: मा प्रविश श्री उदय नारायण सिंह 'नचिकेता'
मैथिली साहित्यक सुप्रसिद्ध प्रयोगधर्मी नाटककार श्री नचिकेताजीक टटका नाटक, जे विगत 25 वर्षक मौनभंगक पश्चात् पाठकक सम्मुख प्रस्तुत भ' रहल अछि। सर्वप्रथम विदेहमे एकरा धारावाहिक रूपेँ ई-प्रकाशित कएल जा रहल अछि। पढ़ू नाटकक दोसर कल्लोलक पहिल खेप।
२. शोध लेख: मायानन्द मिश्रक इतिहास बोध (आगाँ)
३. उपन्यास सहस्रबाढ़नि (आगाँ)
४. महाकाव्य महाभारत (आगाँ) ५. कथा(फूसि-फटक)
६. पद्य अ. विस्मृत कवि स्व. रामजी चौधरी,
आ. श्री गंगेश गुंजन, इ.ज्योति झा चौधरी
आ' ई. गजेन्द्र ठाकुर
७. संस्कृत –मैथिली शिक्षा(आगाँ)
८. मिथिला कला(आगाँ)
९.पाबनि ( जानकी नवमी पर विशेष)- नूतन झा
१०. संगीत शिक्षा 1११. बालानां कृते- बगियाक गाछ
१२. पञ्जी प्रबंध (आगाँ) पञ्जी-संग्राहक श्री विद्यानंद झा पञ्जीकार (प्रसिद्ध मोहनजी )
१३. संस्कृत मिथिला १४ भाषापाक १५. रचना लेखन (आगाँ)
१६VIDEHA FOR NON RESIDENT MAITHILS
VIDEHA MITHILA TIRBHUKTI TIRHUT..
महत्त्वपूर्ण सूचना:(१) विस्मृत कवि स्व. रामजी चौधरी (1878-1952)पर शोध-लेख विदेहक पहिल अँकमे ई-प्रकाशित भेल छल।तकर बाद हुनकर पुत्र श्री दुर्गानन्द चौधरी, ग्राम-रुद्रपुर,थाना-अंधरा-ठाढ़ी, जिला-मधुबनी कविजीक अप्रकाशित पाण्डुलिपि विदेह कार्यालयकेँ डाकसँ विदेहमे प्रकाशनार्थ पठओलन्हि अछि। ई गोट-पचासेक पद्य विदेहमे नवम अंकसँ धारावाहिक रूपेँ ई-प्रकाशित भ' रहल अछि।
महत्त्वपूर्ण सूचना:(२) 'विदेह' द्वारा कएल गेल शोधक आधार पर मैथिली-अंग्रेजी आऽ अंग्रेजी-मैथिली शब्द कोश (संपादक गजेन्द्र ठाकुर आऽ नागेन्द्र कुमार झा) प्रकाशित करबाओल जा' रहल अछि। प्रकाशकक, प्रकाशन तिथिक, पुस्तक-प्राप्तिक विधिक आऽ पोथीक मूल्यक सूचना एहि पृष्ठ पर शीघ्र देल जायत।
महत्त्वपूर्ण सूचना:(३) 'विदेह' द्वारा धारावाहिक रूपे ई-प्रकाशित कएल जा' रहल गजेन्द्र ठाकुरक 'सहस्रबाढ़नि'(उपन्यास), 'गल्प-गुच्छ'(कथा संग्रह) , 'भालसरि' (पद्य संग्रह), 'बालानां कृते', 'एकाङ्की संग्रह', 'महाभारत' 'बुद्ध चरित' (महाकाव्य)आऽ 'यात्रा वृत्तांत' विदेहमे संपूर्ण ई-प्रकाशनक बाद प्रिंट फॉर्ममे प्रकाशित होएत। प्रकाशकक, प्रकाशन तिथिक, पुस्तक-प्राप्तिक विधिक आऽ पोथीक मूल्यक सूचना एहि पृष्ठ पर शीघ्र देल जायत।
महत्त्वपूर्ण सूचना(४): श्री आद्याचरण झा, श्री प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन' श्री कैलाश कुमार मिश्र (इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र), श्री श्याम झा आऽ डॉ. श्री शिव प्रसाद यादव जीक सम्मति आयल अछि आऽ हिनकर सभक रचना अगिला १-२ अंकक बादसँ 'विदेह' मे ई-प्रकाशित होमय लागत।

महत्त्वपूर्ण सूचना(५): २० म शताब्दीक सर्वश्रेष्ठ मिथिला रत्न श्री रामाश्रय झा 'रामरंग' जिनका लोक 'अभिनव भातखण्डे' केर नामसँ सेहो सोर करैत छन्हि, 'विदेह' केर हेतु अपन संदेश पठओने छथि आऽ ताहि आधार पर हुनकर जीवन आऽ कृतिक विषयमे विस्तृत निबंध विदेहक संगीत शिक्षा स्तंभमे ई-प्रकाशित करबाक हमरा लोकनिकें सौभाग्य भेटल अछि।
विदेह (दिनांक १५मई, २००८)
संपादकीय
वर्ष: १ मास: ५ अंक:१०
मान्यवर,
विदेहक नव अंक (अंक १० दिनांक १५ मई २००८) ई पब्लिश भ’ रहल अछि। एहि हेतु लॉग ऑन करू http://www.videha.co.in |
अहाँकेँ सूचित करैत हर्ष भ’ रहल अछि, जे ‘विदेह’ प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका केर १० टा अंक http://www.videha.co.in/ पर ई-प्रकाशित भ’ चुकल अछि। इंटरनेट पर ई-प्रकाशित करबाक उद्देश्य छल एकटा एहन फॉरम केर स्थापना जाहिमे लेखक आ’ पाठकक बीच एकटा एहन माध्यम होए जे कतहुसँ चौबीसो घंटा आ’ सातो दिन उपलब्ध होए। जाहिमे प्रकाशनक नियमितता होए आ’ जाहिसँ वितरण केर समस्या आ’ भौगोलिक दूरीक अंत भ’ जाय। फेर सूचना-प्रौद्योगिकीक क्षेत्रमे क्रांतिक फलस्वरूप एकटा नव पाठक आ’ लेखक वर्गक हेतु, पुरान पाठक आ’ लेखकक संग, फॉरम प्रदान कएनाइ सेहो एकर उद्देश्य छ्ल। एहि हेतु दू टा काज भेल। नव अंकक संग पुरान अंक सेहो देल जा रहल अछि। पुरान अंक pdf स्वरूपमे डाउनलोड कएल जा सकैत अछि आ’ जतए इंटरनेटक स्पीड कम छैक वा इंटरनेट महग छैक ओतहु ग्राहक बड्ड कम समयमे ‘विदेह’ केर पुरान अंकक फाइल डाउनलोड कए अपन कंप्युटरमे सुरक्षित राखि सकैत छथि आ’ अपना सुविधानुसारे एकरा पढ़ि सकैत छथि। एकर अतिरिक्त संपर्क खोज स्तंभमे विदेह आ' आन-आन मिथिला आ' मैथिलीसँ संबंधित साइटमे सर्च हेतु सर्च इंजिन विकसित कए राखल गेल अछि। ओहि पृष्ठ पर मिथिला आ' मैथिलीसँ संबंधित समाचारक लिंक विकसित कए सेहो राखल गेल अछि। संपर्क-खोज पृष्ठ पर मिथिला आ' मैथिलीसँ संबंधित साइटक संकलनकेँ आर दृढ़ कएल गेल अछि। विदेहक सभ पृष्ठकेँ १० लिपिमे देखल जा' सकैत अछि आ' ताहि हेति सभ पृष्ठ पर लिंक देल गेल अछि। भाषा मैथिलिये रहत मुदा आन भाषा-भाषी मैथिलीक आनंद अपन लिपिमे पढि कए लए सकैत छथि।
नचिकेताजी अपन २५ सालक चुप्पी तोड़ि नो एंट्री: मा प्रविश नाटक मैथिलीक पाठकक समक्ष विदेह ई-पत्रिकाक माध्यमसँ पहुँचा रहल छथि। धारावाहिक रूँपे ई नाटक विदेहमे ई-प्रकाशित भ’ रहल अछि।
३ जूनकेँ एहि बेर वट सावित्री अछि। एहि अवसर पर एहिसँ संबंधित निबंध देल जा' रहल अछि।एहि निबंधक लेखिका छथि श्रीमति नूतन झा।
बालानां कृतेमे बगियाक गाछ शीर्षक लोककथाकेँ ज्योतिजीक चित्रसँ सुसज्जित कएल गेल अछि।
श्री गंगेश गुंजन जीक कविता पाठकक समक्ष अछि।
श्री प्रफुल्ल कुमार सिंह मौन, श्री आद्याचरण झा आऽ डॉ. श्री शिव प्रसाद यादव जीक सम्मति आयल अछि आऽ विदेहमे एक-दू अंकक बाद हिनकर सभक रचना विदेहक पाठकक लोकनिक समक्ष आबय लागत।
मिथिलाक रत्न स्तंभकेँ नाम आ' वर्षसँ जतय तक संभव भ' सकल विभूषित कएल गेल अछि। एकर परिवर्द्धनक हेतु सुझाव आमंत्रित अछि। मिथिला रत्नमे बैकग्राउन्ड संगीत सेहो अछि, आ' ई अछि विश्ववक प्रथम राष्ट्रभक्त्ति गीत (शुक्ल यजुर्वेद अध्याय २२, मंत्र २२) जकरा मिथिलामे दूर्वाक्षत आशीश मंत्र सेहो कहल जाइत अछि, एकर अर्थ विदेह आर्काइव स्तंभमे अभिनव रूपमे देल गेल अछि, आ' ग्रिफिथक देल अर्थसँ एकर भिन्नता देखाओल गेल अछि। मुख्य पृष्ठक बैकग्राउन्ड संगीत विद्यापतिक बड़ सुख सार तँ अछिये पहिनेसँ।
'विदेह' ई पत्रिकाक प्रचार सर्च इंजिन द्वारा, गूगल आ' याहू ग्रुप द्वारा, वर्डप्रेस आ' ब्लॉगस्पॉटमे देलगेल ब्लॉग द्वारा, फेसबुक, आउटलूक, माय स्पेस, ओरकुट आ' चिट्ठाजगतक माध्यमसँ कएल गेल। मुदा जखन डाटा देखलहुँ तँ आधसँ बेशी पाठक सोझे http://www.videha.co.in पता टाइप कए एहि ई-पत्रिकाकेँ पढ़लन्हि।
अपनेक रचना आ’ प्रतिक्रियाक प्रतीक्षामे। वरिष्ठ रचनाकार अपन रचना हस्तलिखित रूपमे सेहो नीचाँ लिखल पता पर पठा सकैत छथि।
गजेन्द्र ठाकुर
389,पॉकेट-सी, सेक्टर-ए, बसन्तकुंज,नव देहली-११००७०.
फैक्स:०११-४१७७१७२५
१५ मई २००८ नव देहली
http://www.videha.co.in
ggajendra@videha.co.in
ggajendra@yahoo.co.in
c)२००८. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ’ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।

विदेह (पाक्षिक) संपादक- गजेन्द्र ठाकुर। एतय प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ आर्काइवक/ अंग्रेजी-संस्कृत अनुवादक ई-प्रकाशन/ आर्काइवक अधिकार एहि ई पत्रिकाकेँ छैक। रचनाकार अपन मौलिक आऽ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) ggajendra@yahoo.co.in आकि ggajendra@videha.co.in केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx आ’ .txt फॉर्मेटमे पठा सकैत छथि। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ’ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आऽ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक 1 आ’ 15 तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि।

11000 PALM LEAF PANJI INSCRIPTIONS (VOLUME I TO XXII)

  11000 PALM LEAF PANJI INSCRIPTIONS ( VOLUME I TO XXII )