भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति

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Saturday, February 14, 2009

कम्प्युटरसं मैथिली जोडबाक प्रयास


जितेन्द्र झा
मैथिली भाषासं सेहो कम्प्युटर अपरेट कएल जाए ताहिलेल प्रयास शुरु भेल अछि । परिष्कृत आ समृद्ध भाषा मैथिली एखनो आन भाषाक अपेक्षा कम्प्युटर प्रविधिमे पाछुए अछि ।
पटनामे फ़्युल प्रोजेक्ट अन्तर्गत मैथिली कम्प्युटरीकरण शब्दावलीक मानकीकरणलेल दु दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न भेल अछि । फ़्युल (फ़्रिक्वेन्टनली युज्ड एन्ट्रीज फ़र लोकलाईजेशन) एक ओपन सोर्स प्रोजेक्ट अछि । ई विभिन्न प्लेटफ़र्मके लेल प्रयोग कएल जाएबला कम्युटर शब्दावलीके मानकीकरणके काज विभिन्न भाषाक लेल कएल करैत अछि ।
एहि अवसरपर मैथिलीक विद्वान पण्डित गोविन्द झा कम्प्युटरलेल विशेष रुपे शब्द गढल जएबाक चाही मुदा एखन सामान्य शब्दसं काज चलि जाए त नीक । मैथिली एकेडमीक निर्देशक रघुवीर मोची जमीनी शब्द प्रयोग करबापर जोड दैत कहलनि जे मैथिलीके अपन क्षेत्र विस्तार करबाक चाही । कम्प्युटरमे मैथिलीक लेल कएल जारहल काजके दूरगामी प्रभाव रहल ओ कहलनि ।
प्रोजेक्ट संयोजक राजेश रंजन फ़्युलक कम्प्युटर मानकीकरणके कार्यविधिके विषयमा जनतब दैत कहलनि जे इ समुदाय आधारित प्रोजेक्ट अछि । कार्यक्रममे कम्प्युटरमे बेशी प्रयोग होब' बला 5 सय 78 शब्दपर गहन विचार क" मानक पर आम सहमति बनाओल गेल । मैथिली कम्प्युटक लेल शब्द गढबालेल ई पहिल प्रयास छल ।
कार्यक्रम एएन सिन्हा इन्स्टिच्युट अफ़ इन्स्टीच्युट अफ़ सोसल स्टडिजमे भेल छल जाहिमे रामानन्द झा रमण, मोहन भारद्वाज, सुधीर कुमार, जयप्रकाश, राकेश रोशन, संगीता सहितक विद्वान, अनुवादक आ कम्प्युटर उपभोक्ता सहभागी छल ।

SOME NEW BOOKS FROM VIDEHA EJOURNAL ARCHIVE

SOME NEW BOOKS FROM VIDEHA EJOURNAL ARCHIVE   I.A PARALLEL HISTORY OF MITHILA & MAITHILI LITERATURE [TOME 1-4; VOLUMES 1-100] BY GAJENDR...