भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति

(c)२०००-२०२३. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। Editor: Gajendra Thakur

रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि। सम्पादक 'विदेह' प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका ऐ ई-पत्रिकामे ई-प्रकाशित/ प्रथम प्रकाशित रचनाक प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ मूल आ अनूदित आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार रखैत छथि। (The Editor, Videha holds the right for print-web archive/ right to translate those archives and/ or e-publish/ print-publish the original/ translated archive).

ऐ ई-पत्रिकामे कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। एहि ई पत्रिकाकेँ मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि।

 

(c) २००-२०२ सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि।  भालसरिक गाछ जे सन २००० सँ याहूसिटीजपर छल http://www.geocities.com/.../bhalsarik_gachh.htmlhttp://www.geocities.com/ggajendra  आदि लिंकपर  आ अखनो ५ जुलाइ २००४ क पोस्ट http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html  (किछु दिन लेल http://videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html  लिंकपर, स्रोत wayback machine of https://web.archive.org/web/*/videha  258 capture(s) from 2004 to 2016- http://videha.com/  भालसरिक गाछ-प्रथम मैथिली ब्लॉग / मैथिली ब्लॉगक एग्रीगेटर) केर रूपमे इन्टरनेटपर  मैथिलीक प्राचीनतम उपस्थितक रूपमे विद्यमान अछि। ई मैथिलीक पहिल इंटरनेट पत्रिका थिक जकर नाम बादमे १ जनवरी २००८ सँ "विदेह" पड़लै।इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/  पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA

Monday, March 13, 2023

VIDEHA DISCOVERY OF MITHILA/ विदेह मिथिलाक खोज

वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA.

प्रस्तुत अछि विदेह, मिथिला, तीरभुक्ति आ तिरहुतक नामसँ विख्यात वर्त्तमान भारत आ नेपालमे पसरल माटिक प्राचीन आ नव स्थापत्य, चित्रांकित अभिलेख आ मूर्त्तिकलाक एकटा छोट संग्रह। ऐ संग्रहकेँ पूर्ण करबाक हेतु अपन बहुमूल्य संग्रह editorial.staff.videha@gmail.com केँ पठाउ। आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार, सम्बन्धित फोटोग्राफर आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। फोटो सभ पठेबा लेल धन्यवाद पाठकगण। साभार। विशेष विवरण देखबा लेल क्लिक करू, दर्शनीय मिथिलाBrochure 1Brochure 2Brochure 3 , Brochure 4Brochure 5 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक), IGNCA ASI (Cultural Heritage of Mithilasearch keyword Mithila), Temple Survey Project ASIEnglish आ Hindi .पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल।

 

भुवनेश्वरी भगवतीपुर (Madhubani, Bihar) बौद्ध तारा सँ समानता नाकमे कुण्डल देखू

 

सूर्य भगवतीपुर (Madhubani Bihar)

 

विष्णु भगवतीपुर (Madhubani, Bihar)

 
 

दुर्गा, पोखरिसँ भेटल, ओतहि बहेरी मन्दिर (बजारसँ दक्षिण)मे स्थापित

 

हरद्वार मन्दिर घनश्यामपुर (दरभंगा)- चोरि भऽ गेल

 

गौरीशंकरजमथरिहैंठी बालीमधुबनी

 
 

गौरीशंकरजमथरिहैंठी बालीमधुबनी

 

गौरीशंकरजमथरिहैंठी बालीमधुबनी

 

गौरीशंकरजमथरिहैंठी बालीमधुबनी

 
 

गौरीशंकरजमथरिहैंठी बालीमधुबनी

 

गौरीशंकरजमथरिहैंठी बालीमधुबनी

 

बाइसी-बसैटीअररिया मिथिलाक्षर ताम्रलेख

 
 

बाइसी-बसैटीअररिया मिथिलाक्षर ताम्रलेख

 

बाइसी-बसैटीअररिया मिथिलाक्षर ताम्रलेख

 

बाइसी-बसैटीअररिया मिथिलाक्षर ताम्रलेख

 
 

धरहराबनमनखीपूर्णियाँनरसिंह अवतार

 

धरहराबनमनखीपूर्णियाँनरसिंह अवतार

 

पूरणदेवीपूर्णियाँ

 
 

बिदेश्वर स्थान अभिलेखमधुबनी

 

अन्ध्राठाढी अभिलेखमधुबनी

 

बुद्ध अष्टधातुसिसव बसंतपुरबगहा

 
 

12 शताब्दीकोइलखमधुबनी

 

अग्नि बिदेश्वर स्थानमधुबनी बुद्धमुंगेर

 

अहिल्या स्थान

 
 

अन्ध्राठाढीमधुबनी

 

अशोक स्तंभबसाढवैशाली

 

बुद्ध

 
 

अवलोकितेश्वर ताराभागलपुर

 

बसाढवैशाली

 

बुद्ध भूमिस्पर्श

 
 

बुद्धताम्र

 

बुद्ध मस्तकसुलतानगंज

 

वैशाली मूर्त्ति

 
 

चामुण्डा नाग-नागिनीमुंगेर

 

मुकुटधारी बुद्धअंतीचकभागलपुर

 

नाचैत गणेश, 10 शताब्दीदरभंगा

 
 

दरभंगा म्युजियम

 

दरभंगा म्युजियम

 

दुर्गाकार्त्तिकेय

 
 

10 शताब्दीभीट भगवानपुरन्ध्रा ठाढी

 

गणेश बुद्ध

 

गौतम बुद्धवैशाली

 
 

हरिहर बुद्ध

 

चिड़ैकेँ खुआबैत महिलाराजमहल

 

लौरिया नन्दनगढअशोक स्तंभ

 
 

लोमश सुदामा गुफा

 

मुंगेर

 

नागराज तीर्थंकर

 
 

कुमारिल भटट फेकेलाहनालन्दा

 

विक्रमशिला विश्वविद्यालयभागलपुर

 

ठाढ बुद्ध

 
 

पार्वती

 

रामायण

 

रामपुरवा वृषभ

 
 

रामपुरवा

 

बुद्धक अवशेष

 

संकिसा

 
 

सप्तमातृका

 

सर्वतो भद्र मण्डल

 

सूर्य

 
 

सूर्य

 

सूर्य संगी

 

सूर्यमधुबनी  भागलपुर

 
 

मूर्त्ति

 

मूर्त्ति

 

मूर्त्तिवैशाली

 
 

उमा माहेश्वरकल्याणसुन्दर

 

वैशाली वृषभ शीर्ष

 

वैशालीशालभंजिका भागलपुर

 
 

विष्णु बुद्धा

 

पाँखियुक्त्त महिला

 

अहिल्या

 
 

अष्टयोगिनी मन्दिरसहरसा

 

बनगंगा

 

दरभंगा

 
 

दरभंगा नगर, 1934

 

दरभंगा मेडिकल कॉलेज

 

दुल्हदुल्हिन मन्दिरजनकपुर

 
 

गण्डीश्वर

 

गंगासागर पोखरिमधुबनी

 

हनुमान मन्दिरमधुबनी

 
 

हरिहरस्थान

 

मधुबनी हॉस्पीटल

 

जनकपुर जानकी मन्दिर

 
 

जानकी मन्दिर

 

जानकी मन्दिरसीतामढी

 

जानकी मन्दिरसीतामढी

 
 

जिला स्वास्थ्य कार्यालय राजबिराजनेपाल

 

कलनेश्वर बाबा

 

कपिलेश्वर

 
 

कोषलेखाकार्यालयराजबिराजनेपाल

 

मिथिला विश्वविद्यालयदरभंगा

 

लक्ष्मीश्वर पैलेस, 1934

 
 

माध्यमिकविद्यालय जनकपुर

 

महेन्द्र चौकजनकपुर

 

जनकपुर मंडप

 
 

मिथिला, 1988 भूकम्प

 

पगलाबाबा धर्मशालाजनकपुरनेपाल

 

पंडौल अहल्या

 
 

मधुबनी बस स्टैंड

 

राज हेड ऑफिस, 1934

 

राज हॉस्पीटलदरभंगा, 1934

 
 

सौराठ सभा

 

शिव मन्दिर, 1934

 

शिवशंकर सिनेमामधुबनी

 
 

श्यामा मन्दिर

 

विद्यापति मूर्त्तिबिस्फी

 

उग्रतारातारास्थानमहिषीसहरसा

 
 

विद्यापति स्मारकबिस्फी

 

विस्फीउदना महादेव

 

बिस्फीविश्वेश्वरी भगवती

 
 

अहल्या मन्दिरअहियारी

 

अशोक स्तंभवैशाली

 

स्तूप अशोक स्तंभवैशाली

 
 

बलिराजपुर किला पूर्वी गेट

 

बलिराजपुर किला मीनार

 

चण्डी स्थानबिराटपुरसहरसा

 
 

गाँधी पोखरिढाकामोतिहारी

 

गाँधी विद्यालयढाकामोतिहारी

 

गिरिजा स्थानमधुबनी

 
 

हरिहर मन्दिरसोनपुर

 

जैन मन्दिरभागलपुर

 

जैन मन्दिरवैशाली

 
 

कमलादित्य स्थान

 

कपिलेश्वर शिव मन्दिर

 

लौरिया नन्दनगढ

 
 

मदनेश्वर शिव मन्दिर

 

मन्दार पर्वतबाँका

 

मोतिहारी सत्याग्रह स्मारक

 
 

परमेश्वरी मन्दिरठाढीमधुबनी

 

रामजानकी मन्दिरसीतामढी

 

सत्याग्रह स्मारकसीतामढी

 
 

शांति स्तूपवैशाली

 

उच्चैठ भगवती

 

उच्चैठ मन्दिर

 
 

सिंघेश्वर स्थानमधेपुरा

 

सूर्यधामपरसा

 

उग्रतारा मन्दिरमहिषीसहरसा

 
 

वैशाली स्तूप

 

विक्रमशिला विश्वविद्यालयभागलपुर

 

विराटपुर मन्दिरमधेपुरा

 
 

वृषभ शीर्षरामपुरवा

 

सिंह शीर्षरामपुरवा

 

शरभनेपाल

 
 

पाँखियुक्त्त देवीवैशाली

 

बाबा बडेश्वरदेवनाबनगाँव

 

वट वृक्षबनगाँव

 
 

भगवान विष्णुदेवनाबनगाँव

 

शास्त्रार्थ स्थल,तारास्थान महिषी

 

शास्त्रार्थ स्थल,तारास्थान महिषी

 
 

तारास्थान महिषी

 

माता तारातारास्थान महिषी

 

उग्रतारा (खादर वाणी तारामूर्तिमहिषी

 
 

वशिष्ठ मुनितारास्थान महिषी

 

आवर्धित काली उच्चैठ

 

बौद्धदेवी तारा वारी समस्तीपुर

 
 

भगवती देकुली

 

भगवती गिरिजा फुल्हर

 

भगवती मृणमूर्ति गन्धबारि

 
 

भगवती वारी समस्तीपुर

 

भुवनेश्वरी कोर्थ

 

देवीकाली कोर्थ

 
 

गंगामूर्ति नगरडीह दरभंगा

 

गोसाउनि मन्दिर कोर्थ

 

हैहट्ट देवी हाबीडीह

 
 

काली उच्चैठ

 

महिषासुरमर्दिनी बहेरी दरभंगा

 

महिषासुरमर्दिनी हाबीडीह

 
 

महिषासुरमर्दिनी नाहर-भगवतीपुर

 

उमा म्लेच्छमर्दिनी मिर्जापुर दरभंगा

 

यमुना भैरव बलिया मधुबनी

 
 

भैरवभैरव-बलिया

 

नटराजतारालाही

 

शिव-पार्वती मन्दिरकपिलेश्वरस्थान

 
 

शिव-पार्वती मन्दिरकपिलेश्वरस्थान

 

शिव मन्दिरसिंगियाविस्पी

 

उमामाहेश्वरमहादेवमठ

 
 

उमामाहेश्वरतिरहुत

 

विष्णुभवानीपुर

 

विष्णुभीठ भगवानपुर

 
 

विष्णुजयनगर

 

विष्णुलदहो

 

विष्णुसाहो-पररीहाबीडीह

 
 

शेषशायी विष्णुसवासमुजफ्फरपुर

 

वराह मूर्तितिलकेश्वरस्थान

 

मिथिलाक्षर अभिलेखविष्णु बुद्ध मूर्ति

 
 

भगवती उच्चैठबेनीपट्टी

 

भगवती वाणेश्वरीभंडारीसम

 

चामुण्डा मन्दिरकटरामुजफ्फरपुर

 
 

अष्टभुज गणेशहाबीडीह

 

अष्टभुज गणेशकोर्थ

 

गंगाआन्ध्रा-ठाढ़ी

 
 

महिषासुरमर्दिनीदुर्गा

 

म्लेच्छमर्दिनी मन्दिरमिर्जापुरदरभंगा

 

नटराज

 
 

राममन्दिरअहिल्यास्थान

 

सेहनीवैशालीविष्णु तिलक-यज्ञोपवीतधारी

 

रूपनगर शिव मन्दिर

 
 

सूर्यदेकुली

 

सूर्य मूर्तिडिलाही

 

सूर्य मूर्तिविष्णुबरुआर

 
 

उमामाहेश्वर

 

यमुनाआन्ध्रा-ठाढ़ी

 

सिमरौनागढ़ मूर्ति

 
 

आदि कालीचैनपुर सहरसा

चैनपुर सहरसामिथिलाक एकमात्र नीलकंठ मन्दिरसंगमे आदिकालीन भव्य काली-मन्दिर सेहो एहि गाममे अछि। महाशिवरात्रि  कालीपूजा बड़ धूमधामसँ चैनपुरमे होइत अछि।

 

त्योथागढ़क स्वामी माध्वानन्द कौलाचार्य काली मन्दिर

त्योथा गढ़ लग। पुरान गढ़। एकर पूबमे ब्रह्मपुराक बाबा हरिहरनाथ महादेव मन्दिर  दक्षिणमे उच्चैठ भगवती छथि।

 

त्योथागढ़क दसमुखी काली

त्योथा गढ़ लग। पुरान गढ़। एकर पूबमे ब्रह्मपुराक बाबा हरिहरनाथ महादेव मन्दिर  दक्षिणमे उच्चैठ भगवती छथि।

 
 

कोइलख (मधुबनीदेवीक मन्दिर

 

अकौरबेनीपट्टीभगवती दुर्गाभगवतीपीठ

 

अकौरबेनीपट्टीभगवती दुर्गाभगवतीपीठ

 
 

.अष्टभुज गणेशकोर्थ .शिव मन्दिरसिंघियाबिस्फी

 

बौद्ध देवी तारावारीसमस्तीपुर .उग्रतारा मन्दिरमहिषीसहरसा

 

.भगवतीवारी .भगवतीदेकुली

 
 

भगवती गिरिजाफुलहर .कालीउच्चैठ

 

भैरवभैरव बलिया उमामाहेश्वरमहादेवमठ

 

देवीकालीकोर्थ गुसाउनि स्थल मन्दिरकोर्थ

 
 

गणेशलहेरियासराय .उमामाहेश्वर नटराजविष्णुतिलकजनउ धारीसेहानवैशाली

 

गंगा मूर्तिनगरडीहदरभंगा भगवती मृण्मूर्तिगन्धवारि

 

हैहट्ट देवीहाबीडीह .भुवनेश्वरीकोर्थ

 
 

कथित कालीउच्चैठ.अष्टभुज गणेशकोर्थ

 

महिषासुर मर्दिनीहाबीडीह.उमाम्लेच्छमर्दिनीमिर्जापुरदरभंगा

 

.महिषासुरमर्दिनीभगवतीपुरनाहरमहिषासुर मर्दिनीबहेरीदरभंगा

 
 

म्लेच्छमर्दिनी भगवतीमिर्जापुरदरभंगा राम मन्दिरअहिल्यास्थान

 

म्लेच्छमर्दिनी भगवतीमिर्जापुरदरभंगा .सिंहेश्वर स्थानमधेपुरा

 

नटराजतारालाही उमामाहेश्वर

 
 

_शेषसायीसवासमुजफ्फरपुर_नटराज_तारालाही भगवती उमा माहेश्वरी

 

-शिव पार्वती मन्दिरकपिलेश्वर स्थान सूर्य मूर्ति डिलाही

 

सूर्यमूर्तिविष्णु बरुआर गंगाआन्ध्रा ठाढ़ी

 
 

_उच्चैठ भ्हगवतीबेनीपट्टी _महिषासुरमर्दिनीदुर्गा चामुण्डा मन्दिरकटरामुजफ्फरपुर ._भगवती वानेश्वरीभण्डारिसम

 

वराहमूर्तितिलकेश्वरस्थान.विष्णुभवानीपुर

 

विष्णुजयनगर .विष्णुभीठ भगवानपुर

 
 

_विष्णुलदहो.सूर्यदेकुली

 

_विष्णु_साहो परड़ीस्थापित-हाभीडीह .बुद्ध-विष्णु मूर्ति अभिलेख

 

_विष्णुसेहान_वराह _गणेश .शिव मन्दिर_रूपनगर

 
 

_यमुनाआन्ध्रा ठाढ़ी.अष्टभुज गणेशहाबीडीह

 

_यमुनाभैरव बलिया_शेषसायीसवासमुजफ्फरपुर_नटराज_तारालाही भगवती उमा माहेश्वरी

 

कथितकालीउच्चैठबेनीपट्टी

 
 

मूर्ति (मिथिला क्षेत्र)

 

सम्भवतः सूर्य

 

वेणुगोपालमिथिला

 
 

विष्णु, जालेदरभंगा

 

विष्णु

 

विष्णुओझौलदरभंगा

 

 

मिथिलाक खोज

ई आलेख हमर दशकसँ ऊपरक मिथिलाक यात्राक उपरान्तक सूत्र-वृत्तान्त अछि आ ऐमे ऐ सभ स्थानक स्थानीय निवासी आ गाइड सभक अकथनीय योगदान छन्हि । कखनो कालतँ भाड़ाक गाड़ीक ड्राइवर लोकनि सेहो नीक गाइड सिद्ध भेला।-गजेन्द्र ठाकुर

"मिथिलायदयश्च मध्यंते रिपवो इति मिथिला नगरी" - मिथिला जतऽ शत्रुकेँ मथल जाइत अछि- पाणिनीक विवरण।

किला आ गढ़

बलिराजपुर किला- मधुबनी जिलाक बाबूबरही प्रखण्डसँ ५ किलोमीटर पूब बलिराजपुर गाम अछि। एकर दक्षिण दिशामे एकटा पुरान किलाक अवशेष अछि। किला चारि किलोमीटर नमगर आ एक किलोमीटर चाकर अछि। दस फीटक मोट देबालसँ ई घेरल अछि।

असुरगढ़ किला- मिथिलाक दोसर किला मधुबनी जिलाक पूब आ उत्तर सीमा पर तिलयुगा धारक कातमे महादेव मठ लग ५० एकड़मे पसरल अछि।

जयनगर किला- मिथिलाक तेसर किला अछि भारत नेपाल सीमा पर प्राचीन जयपुर आ वर्त्तमान जयनगर लग। दरभंगा लग पंचोभ गामसँ प्राप्त ताम्र अभिलेख पर जयपुर केर वर्णन अछि।

नन्दनगढ़- बेतियासँ १२ मील पश्चिम-उत्तरमे ई किला अछि। तीन पंक्त्तिमे १५ टा ऊँच डीह अछि।

लौरिया-नन्दनगढ़- नन्दनगढ़सँ उत्तर स्थित अछि, एतऽ अशोक स्तंभ आ बौद्ध स्तूप अछि।

देकुलीगढ़- शिवहर जिलासँ तीन किलोमीटर पूब हाइवे केर कातमे दू टा किलाक अवशेष अछि। चारू दिस खधाइ अछि।

कटरागढ़- मुजफ्फरपुरमे कटरा गाममे विशाल गढ़ अछि, देकुली गढ़ जकाँ चारू कात खधाइ खुनल अछि।

नौलागढ़-बेगुसरायसँ २५ किलोमीटर उत्तर ३५० एकड़मे पसरल ई गढ़ अछि।

जयमंगलगढ़- बेगूसरायमे बरियारपुर थानामे काबर झीलक मध्य एकटा ऊँच डीह अछि। एतऽ ई गढ़ अछि। नाओकोठी (मझौल) गाम लग ई गढ़ अछि।

मंगलगढ़- समस्तीपुर जिलामे हसनपुर ब्‍लॉकमे दुधपुरा बजार लग देओढ गाम लग। भगवान बुद्धक उपदेश एतऽ भेल, स्थानीय राजा मंगलदेवक आग्रहपर बुद्ध किछु दिन एतऽ निवास सेहो केलन्हि।

अलौलीगढ़- खगड़ियासँ १५ किलोमीटर उत्तर अलौली गाम लग १०० एकड़मे पसरल ई गढ़ अछि।

कीचकगढ़- पूर्णिया जिलामे डेंगरघाटसँ १० किलोमीटर उत्तर महानन्दा नदीक पूबमे ई गढ़ अछि।

बेनूगढ़- टेढ़गाछ थानामे कवल धारक कातमे ई गढ़ अछि।

वरिजनगढ़- बहादुरगंजसँ छह किलोमीटर दक्षिणमे लोनसवरी धारक कातमे ई गढ़ अछि।

नेऊरी- दरभंगाक बिरौल प्रखण्डसँ १३ किलोमीटर पश्चिममे एकटा गढ़ अछि जे लोरिकक मानल जाइत अछि।

बुद्ध

कुन्दग्राम- हाजीपुरसँ बत्तीस किलोमीटर उत्तर-पूर्वमे बसाढ़-वैशाली आ लगमे वासोकुण्ड लग गाम गढ़-टीलासँ २ कि.मी. उत्तर-पूर्व अछि कुन्दग्राम , जतऽ जैनक २४म तीर्थंकर महावीरक जन्म भेल छलन्हि। एतऽ बुद्धक छाउर, अभिषेक पुषकरणी (राजा अभिषेकसँ पूर्व एतऽ नहाइत रहथि), अशोक स्तम्भ आ संसद-भवन (राजा विशालक गढ़) अछि।

पजेबागढ़ वनही टोल- एतऽ एकटा बुद्ध मूर्त्ति भेटल छल, मुदा ओकर आब कोनो पता नै अछि। ई स्थल सेहो रखबारी गामक लगे अछि।

मंगलगढ़- समस्तीपुर जिलामे हसनपुर ब्‍लॉकमे दुधपुरा बजार लग देओढ गाम लग। भगवान बुद्धक उपदेश एतऽ भेल, स्थानीय राजा मंगलदेवक आग्रहपर बुद्ध किछु दिन एतऽ निवास सेहो केलन्हि।

मुसहरनियां डीह- अंधरा ठाढ़ीसँ ३ किलोमीटर पश्चिम पस्टन गाम लग एकटा ऊँच डीह अछि। बुद्धकालीन एकजनियाँ कोठली, बौद्धकालीन मूर्त्ति, पाइ, बर्त्तनक टुकड़ी आ पजेबाक अवशेष एतऽ अछि।

अकौर- मधुबनीसँ २० किलोमीटर पश्चिम आ उत्तरमे अकौर गाममे एकटा ऊँच डीह अछि, जतऽ बौद्धकालक मूर्त्ति अछि।

लौरिया-नन्दनगढ़- नन्दनगढ़सँ उत्तर स्थित अछि, एतऽ अशोक स्तंभ आ बौद्ध स्तूप अछि।

विक्रमशिला- भागलपुरमे स्थित प्राचीन विश्वविद्यालय। भागलपुर जिलाक अंतीचक गाममे राजा धर्मपालक बनाओल बुद्ध विश्वविद्यालय अछि। १०८ व्याख्याता लेल रहबाक स्थान आ बाहरसँ पढ़य बला लेल सेहो स्थान एतऽ निर्मित अछि।

चम्पानगर- भागलपुरक पश्चिममे, आब नगरसँ सटि गेल अछि। ई जैन लोकनिक एकटा पवित्रस्थल अछि, एतऽ महावीर तीनटा बस्सावास केने रहथि। दू टा जैन मन्दिर एतऽ अछि, जे जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथकेँ समर्पित अछि। महावीर विदेहमे छह टा बस्सावास बितेलन्हि। बर्खा ऋतुमे चारि मास एक ठाम निवासकेँ बस्सावास कहल जाइ छल। बुद्ध एकोटा बस्सावास विदेहमे नै बितेलन्हि, मुदा वैशाली नगरीमे आम्रपालीक उद्यानमे लिच्छवीगणकेँ सन्देश देने छला।  आम्रपालीसँ  भिक्षा ग्रहण कऽ बुद्ध गेला वेणुमती करय चारि मासक बस्सावास।

अभिलेख

गौरी-शंकर स्थान, मधुबनी जिलाक जमथरि गाम आ हैंठी बाली गामक बीच ई स्थान गौरी आ शङ्करक सम्मिलित मूर्त्ति आ ऐपर मिथिलाक्षरमे लिखल पालवंशीय अभिलेख। बिदेश्वरस्थानसँ २-३ किलोमीटर उत्तर दिशामे ई स्थान अछि।

भीठ-भगवानपुर अभिलेख- राजा नान्यदेवक पुत्र मल्लदेवसँ संबंधित अभिलेख एतऽ अछि। मधुबनी जिलाक मधेपुर थानामे ई स्थल अछि।

भगीरथपुर- पण्डौल लग भगीरथपुर गाममे अभिलेख अछि जइसँ ओइनवार वंशक अंतिम दुनू शासक रामभद्रदेव आ लक्ष्मीनाथक प्रशासनक विषयमे सूचना भेटैत अछि।

मंदार पर्वत- बांका स्थित स्थलमे मिथिलाक्षरक गुप्तवंशीय ७म् शताब्दीक अभिलेख अछि। समुद्र मंथनक हेतु मंदारक प्रयोग भेल छल। निकटमे बौंसीमे जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथक दूटा मूर्त्ति अछि, पैघ मूर्ति लाल पाथरक अछि तँ दोसर काँसाक जकर सोझाँ दूटा पदचिन्ह अछि। जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथक जन्म चम्पानगरमे आ निर्वाण एत्तै भेल छलन्हि।

बिदेश्वर- मधुबनी जिलामे लोहनारोड स्टेशन लग स्थित शिवधामक स्थापना महाराज माधवसिंह केलन्हि। तइ युगक मिथिलाक्षरक अभिलेख सेहो एतऽ अछि।

बसैटी (बाइसी-बसैटी), अररिया अभिलेख - पूणियाँमे श्रीनगर लग मिथिलाक्षरक ई अभिलेख मिथिलाक पहिल महिला शासक रानी इद्रावतीक राज्यकालक वर्णन करैत अछि। रानी इन्द्रावती (१७८४-१८०२) जे अकालक समय फूड-फॉर-वर्क आ अन्य कल्याणकारी कार्यक प्रारम्भ केने रहथि।

जयनगर किला- मिथिलाक तेसर किला अछि भारत नेपाल सीमा पर प्राचीन जयपुर आ वर्त्तमान जयनगर लग। दरभंगा लग पंचोभ गामसँ प्राप्त ताम्र अभिलेख पर जयपुर केर वर्णन अछि।

विष्णु

हुलासपट्टी- मधुबनी जिलाक फुलपरास थानाक जागेश्वर स्थान लग हुलासपट्टी गाम अछि। कारी पाथरक विष्णु भगवानक मूर्त्ति एतऽ अछि।

पिपराही- लौकहा थानाक पिपराही गाममे विष्णुक मूर्त्तिक चारू हाथ भग्न भऽ गेल अछि।

मधुबन- पिपराहीसँ १० किलोमीटर उत्तर नेपालक मधुबन गाममे चतुर्भुज विष्णुक मूर्त्ति अछि।

कमलादित्य स्थान- अंधरा ठाढ़ी लगमे कमलादित्य स्थानक विष्णु मंदिर कर्णाट राजा नान्यदेवक मंत्री श्रीधर दास द्वारा स्थापित भेल।

झंझारपुर अनुमण्डलक रखबारी गाममे वृक्षक नीचाँ राखल विष्णु मूर्त्ति, गांधारशैली मे बनाओल गेल अछि।

मटिहानी- विष्णु मन्दिर

जनकपुर- बृहद् विष्णुपुराणमे मिथिलामाहात्म्यमे जनकपुर क्षेत्रक वर्णन अछि। सत्रहम शताब्दीमे संत सूर किशोरकेँ अयोध्यामे सरयू धारमे राम आ जानकीक दू टा भव्य मूर्त्ति भेटलन्हि, जकरा ओ जानकी मन्दिर, जनकपुरमे स्थापित कऽ देलन्हि। वर्त्तमान मन्दिरक स्थापना टीकमगढ़क महारानी द्वारा १९११ ई. मे भेल। नगरक चारूकात यमुनी, गेरुखा आ दुग्धवती धार अछि। राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी),जानकी नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी) आ विवाह पंचमी (अगहन शुक्ल पंचमी) पर एतऽ मेला लगैए।

अंधरा-ठाढ़ीक स्थानीय वाचस्पति संग्रहालय- गौड़ गामक यक्षिणीक भव्य मूर्त्ति एतऽ राखल अछि।

गौतम तीर्थ- कमतौल स्टेशनसँ ६ किलोमीटर पश्चिम ब्रह्मपुर गाम लग एकटा गौतम कुण्ड पुष्करणी अछि।

मुंगेरक पूब 'सीता-कुण्ड'गर्म कुण्ड अछि, सीता जी एत्तै पृथ्वीमे समाहित भेल छली। ठंढ़ा जलक कुण्ड 'रामकुण्ड', लक्ष्मण कुण्ड, भरत कुण्ड, आ शत्रुघ्न कुण्ड सेहो अछि, भैयारीमे बड्ड मिलान। से मिलान बाबू गढ़ नारिकेलमे सेहो छै, बेसी पढ़ल लिखल गाममे से आब कहाँ?

हलावर्त्त- जनकपुरसँ ३५ किलोमीटर दक्षिण पश्चिममे सीतामढ़ी नगरमे हलवेश्वर शिव मन्दिर आ जानकी मन्दिर अछि। एतसँ डेढ़ किलोमीटर पर पुण्डरीक क्षेत्रमे सीताकुण्ड अछि। हलावर्त्तमे जनक द्वार हर चलेबा काल सीता भेटलि छली। राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी) आ जानकी नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी) पर एतऽ मेला लगैए।

फुलहर-मधुबनी जिलाक हरलाखी थानामे फुलहर गाममे जनकक पुष्पवाटिका छल जतऽ सीता फूल लोढ़ै छली।

धनुषा- जनकपुरसँ १५ किलोमीटर उत्तर धनुषा स्थानमे पीपरक गाछक नीचाँ एकटा धनुषाकार खण्ड पड़ल अछि। रामक तोड़ल ई धनुष अछि। ऐसँ पूब वाणगंगा धार बहैए जे लक्ष्मण द्वारा वाणसँ उद्घाटित भेल छल।

सुग्गा- जनकपुर लग जलेश्वर शिवधामक समीप सुग्गा ग्राममे शुकदेवजीक आश्रम अछि। शुकदेवजी जनकसँ शिक्षा लेबाक हेतु मिथिला ऐल छला- ऐ ठाम हुनका ठहरेबाक व्यवस्था भेल छल।

सिंहेश्वर- मधेपुरासँ ५ किलोमीटरपर गौरीपुर गाम लग सिंहेश्वर शिवधाम अछि।

कपिलेश्वर- कपिल मुनि द्वार स्थापित महादेव मधुबनीसँ ६ किलोमीटर पश्चिममे अछि।

कुशेश्वर- समस्तीपुरसँ उत्तर-पूब, लहेरियासरायसँ ६० किलोमीटर दक्षिण-पूब आ सहरसासँ २५ किलोमीटर पश्चिम ई एकटा प्रसिद्ध शिवस्थान अछि। एतऽ चिड़ै-अभ्यारण्य सेहो अछि जतऽ उज्जर आ कारी गैबर, लालसर, दिघौछ, मैल, नकटा, गैरी, गगन, सिल्ली, अधानी, हरिअल, चाहा, करन, रतबा चिड़ै सभ नवम्बरसँ मार्च धरि देखबामे अबैए।

सिमरदह- थलवारा स्टेशन लग शिवसिंह द्वारा बसाओल शिवसिंहपुर गाम लग ई शिवमन्दिर अछि।

सोमनाथ- मधुबनी जिलाक सौराठ गाममे सभागाछी लग सोमदेव महादेव छथि।

मदनेश्वर- मधुबनी जिलाक अंधरा ठाढ़ीसँ ४ किलोमीटर पूब मदनेश्वर शिव स्थान अछि।

चण्डेश्वर- झंझारपुरमे हरड़ी गाम लग चण्डेश्वर ठाकुर द्वारा स्थापित चण्डेश्वर शिवस्थान अछि।

शिलानाथ- जयनगर लग कमला धारक कातमे शिलानाथ महादेव छथि।

उग्रनाथ- मधुबनीसँ दक्षिण पण्डौल स्टेशन लग भवानीपुर गाममे उगना महादेवक शिवलिंग अछि। विद्यापतिकेँ प्यास लगलन्हि तँ उगनारूपी महादेव जटासँ गंगाजल निकालि जल पियेलखिन्ह। विद्यापतिक हठ केलापर ऐ स्थान पर उगना हुनका अपन असल शिवरूपक दर्शन देलखिन्ह।

उच्चैठ छिन्नमस्तिका भगवती- कमतौल स्टेशनसँ १६ किलोमीटर पूर्वोत्तर उच्चैठमे कालिदास भगवतीक पूजा करैत छला। भगवतीक मौलिक मूर्त्ति मस्तक विहीन अछि।

उग्रतारा- मण्डन मिश्रक जन्मभूमि महिषीमे मण्डनक गोसाउनि उग्रतारा छथि।

भद्रकालिका- मधुबनी जिलाक कोइलख गाममे भद्रकालिका मंदिर अछि।

चामुण्डा- मुजफ्फरपुर जिलामे कटरागढ़ लग लक्ष्मणा वा लखनदेइ धार लग दुर्गा द्वारा चण्ड-मुण्डक वध कएल गेल। ओइ स्थानपर ई मन्दिर अछि।

परसा सूर्य मन्दिर- झंझारपुरमे सग्रामसँ पाँच किलोमीटर पूर्व परसा गाममे साढ़े चारि फीटक भव्य सूर्य मूर्त्ति भेटल अछि।

चैनपुर सहरसा- मिथिलाक एकमात्र नीलकंठ मन्दिर, संगमे आदिकालीन भव्य काली-मन्दिर सेहो ऐ गाममे अछि। महाशिवरात्रि आ कालीपूजा बड़ धूमधामसँ चैनपुरमे होइत अछि।

धरहरा, बनमनखी, पूर्णियाँमे नरसिंह अवतारक स्थान अछि, एकटा खोह जकाँ पैघ पाया अछि जइमे जे किछु फेकबै तँ बड़ी काल धरि गों-गोँ अबाज होइत रहत। ई स्थान आब नरसिंह भगवानक मूर्ति आ मन्दिरक कारणसँ बेस विकसित भऽ गेल अछि। एत्तै नरसिंह पाया फाड़ि अवतरित भेल छला।

बिसफी- मधुबनी जिलाक बेनीपट्टी थानामे कमतौल रेलवे स्टेशनसँ ६ किलोमीटर पूब आ कपिलेश्वर स्थानसँ ४ किलोमीटर पश्चिम बिसफी गाम अछि। ज्योतिरीश्वर पूर्व महाकवि विद्यापतिक जन्म-स्थान ई गाम अछि।

मिथिलाक बीस टा सिद्ध पीठ- १.गिरिजास्थान (फुलहर, मधुबनी), २.दुर्गास्थान (उचैठ, मधुबनी), ३.रहेश्वरी (दोखर, मधुबनी), ४.भुवनेश्वरीस्थान (भगवतीपुर, मधुबनी), ५. भद्रकालिका (कोइलख, मधुबनी), ६.चमुण्डा स्थान (पचाही, मधुबनी), ७.सोनामाइ (जनकपुर, नेपाल), ८.योगनिद्रा (जनकपुर, नेपाल), ९.कालिका स्थान (जनकपुर स्थान), १०.राजेश्वरी देवी (जनकपुर, नेपाल), ११.छिनमस्ता देवी (उजान, मधुबनी), १२.बनदुर्गा (खररख, मधुबनी), १३.सिधेश्वरी देवी (सरिसव, मधुबनी), १४.देवी-स्थान (अंधरा ठाढ़ी, मधुबनी), १५.कंकाली देवी (भारत नेपाल सीमा आ रामबाग प्लेस, दरभंगा), १६.उग्रतारा (महिषी, सहरसा), १७.कात्यानी देवी (बदलाघाट, सहरसा), १८.पुरन देवी(पूर्णियाँ), १९.काली स्थान (दरभंगा), २०.जैमंगलास्थान(मुंगेर), ५२. जनकपुर परिक्रमाक १५ स्थल आ ओतुक्का मुख्य देवता १. हनुमाननगर- हनुमानजी, २.कल्याणेश्वर- शिवलिंग, ३.गिरिजा-स्थान- शक्ति, ४.मटिहानी- विष्णु मन्दिर, ५.जालेश्वर- शिवलिंग, ६.मनाई- माण्डव ऋषि, ७. श्रुव कुण्ड- ध्रुव मन्दिर, ८.कंचन वन- कोनो मन्दिर नै मात्र मनोरम दृश्य, ९.पर्वत- पाँच टा पर्वत, १०.धनुषा- शिव धनुषक टुकड़ी, ११.सतोखड़ी- सप्तर्षिक सात टा कुण्ड, १२.हरुषाहा- विमलागंगा, १३. करुणा- कोनो मन्दिर नै मात्र मनोरम दृश्य, १४. बिसौल- विश्वामित्र मन्दिर आ १५.जनकपुर।

दरभंगा कैथोलिक चर्च- १८९१मे स्थापित ई चर्च १८९७ केर भूकम्पमे क्षतिग्रस्त भऽ गेल। एकरा होली रोजेरी चर्च सेहो कहल जाइए। सेंट फांसिस ऑसिसी चर्च मुजफ्फरपुरमे अछि।

भिखा सलामी मजार- गंगासागर पोखरि दरभंगाक महारपर ई मजार अछि। मकदूम बाबाक मजार:ललित नारायण मिथिला विश्ववविद्यालय आ कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगाक बीच स्थित ई मजार हिन्दू आ मुस्लिम मतावलम्बीक एकटा पावन स्थान अछि। दरभंगा टावर मस्जिद इस्लाम मतावलम्बीक एकटा भव्य मस्जिद आ धार्मिक स्थल अछि।