भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति

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Saturday, June 28, 2008

नशा कs नै कहू, शान सs जिबू..

मुझे पिने की शौक नहीं पिता हूँ गम भुलाने को ......

शिखर (गुटखा) पाउच के बिना खाना हजम नै होइत अछि ! तम्बाकू सs त दाँत सुरक्षित रहैत अछि ! इत्यादि अनेक तरहक गप अपने सब नशेरी मधपान करै वला आदमी के मुह सs दिन रैत सुनैत हेब ! इ सब तर्क ओ सब अपन नशा करै के पक्ष मs देत छला ! हम तs कहैत छलो वर्तमान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अपन देश के पहिल स्वास्थ्य मंत्री हेता जे इ समस्या कs गंभीर सs लेना छैथ, आर ओ नशा पर रोक लगबै के प्रयाश मs जुरल छैथ ! पता चलल जे सार्वजनिक रूप सs धुम्रपान पर रोक, फ़िल्म मs शराब या सिगरेट पिबै के दृश्य कs नै देखबे के घोसना ओ केने छैथ ! संगे इयो पता चलल की हुनकर इ बात के बिरोध देश के महानायक अमिताभ बच्चन केलखिन हुनकर कहब छैन यदि फ़िल्म मs अई तरहक दृश्य नै देखेल जेते तs फेर देवदास जेहेंन फ़िल्म कोना बैन सकत ? महानायक के मुख सs अई तरहक बात देश वासी के नै पसंद भेलैन ! अहि कहू न की अमिताभ बच्चन जी एहेंन नेक इन्सान भला समाज आर इंसानियत के दुश्मन कोना भो सकैत अछि फ़िल्म निर्देशक महेश भट्टो हुनकर सुर सs मिलेल्खिंन, इ कहल जाओ की बिना शराब के बोतल हाथ मे लेने अभिनेता गमगीन नै देखेल पर्थिन ? आय के युवावर्ग अभिनेता सब सs बहुत प्रभावित रहैत छैथ ! नाई के दुकान पर अपने देखने हेब सब युवा के मांग रहै छैन शाहरुक खान , धोनी जेहेंन केश आर अभिषेक बच्चन जेहेंन दाढ़ी बन्बै के ! कुनू फ़िल्म मs अभिनेता यदि कुनू नया कपड़ा पहनै छैथ त हर युवा के ओ पहिलुक पसंद बैन जाय य ! आब कहू जे धुम्रपान करैत फ़िल्म के दृश्य सs जनमानस पर बुरा असर पड़ते की नै ? कम सs कम इंसानियत के नाते जै समाज मs हम रहै छि ओकर ध्यान राखब हमर सबहक फर्ज अछि ! सरकार कs हर साल धुम्रपान सs होई बला मौत के आकरा निक जोक मालूम छैन तदुपरांत ओ प्रतिबन्ध नै लगबैत छैथ, अहि कहू न खाली वैधानिक चेतावनी भर लिख देना सs किछ होई बला अछि ? यदि सरकार धुम्रपान पर रोक लगबैत छैथ तs हुनका भारी राजस्व के नुकसान हेतैन मुदा ओ इ नै सोचैत छैथ की यदि देश के नागरिक धुम्रपान ग्रसित नै हेता त हुनकर स्वस्थ्य दिमाग के उपयोग कतो नै कतो देश के हित मs उपयोगी हेतैन ! एक बात तs देखलो य की लत परे के बाद आदमी खुद ओई चीज कs बुरा मानैत छैथ बहुतो के मुंह सs सुनना छी.... अरे यार वाकई में नशा बहुत बुरी चीज हैं, पर अब क्या करू छूटती ही नहीं !

संक्षिप्त मs हम इ कहे चाहे छि की जे चीज तन मन आर धन हर तरह सs हमरा सब कs लुटी रहल अछि खाली अपने सब नै अपने सबहक़ परिजनों जै सs परेशान छैथ ओकरा सs भला हमरा सब'क कुन लाभ मीलत ? तही हेतु अपन खातिर नै सही घर - परिवार आर अपन बच्चा के खातिर इ जहर कs नै कहू आर खुश हाल जिन्दजी कs हाँ कहू !

हर फिक्र कs धुवा मs उराबई के बदला हवा मs उड़े बला धुआ के फिक्र करू .....

Saturday, May 17, 2008

दवा सs कम नै अछि हँसी



हँसे सs तन - मन मय उत्साह के संचार होइत अछि, आर यदि आत्मा सs हँसल जे दवा सs बेसी फायदेमंद होइत अछि ! हँसी एक उत्तम टॉनिक के काज करैत अछि ! हँसे के लेल आई जगह जगह हास्य क्लब बैन रहल अछि , ताकि भागदौरयुक्त जिन्दगी मs तनाव स मुक्ति मिले ! अपने'क मालूम होबाक् चाही की बात करे वक्त हम सब जते ऑक्सीजन लै छी ओई स छः गुना बेसी ऑक्सीजन हंसेत काल लै छी ! अई तरह शरीर कs प्रयाप्त मात्रा मs ऑक्सीजन मिलेत अछि ! मनोवैज्ञानिको तनाव ग्रस्त आदमी कs हँसे के सलाह दैत छथिन ! मनोवैज्ञानिक के कहब अछि की जखन अपने मुस्कुराबैत छलो त आहाक मस्तिस्क अपने आप सोचे लगैत छैथ की अपने खुश छी ! इये प्रक्रिया पूरा शरीर कए प्रवाहित करैत अछि आर अपने सुकून महसूस करैत छलो ! जखन अपने हँसब शुरू करे छी त शरीर मs रक्त कए संचार तीव्र भो जैत अछि ! तनाव म अगर हँसे के क्षमता हुवे त दुखों कम महसूस होइत अछि ! हँसे सs बहुत लाभ मिले'य जेना की ...
* हँसे सs क्रोध नै आबैत अछि
* हँसे सs आत्मसंतोष के संग सुखद अनुभूति सहो होइत अछि
* शरीर मs नया स्फूर्ति के संचार होइत अछि
* हँसे सs मन म उत्साह के संचार सेहो होइत अछि
* ब्लड प्रेशर कम सेहो होइत अछि
अई तरह सs हँसे के बहुत फायदा देखल गेल अछि आहो हँसब आर हँसेब कए अपन आदत मए शामिल क लिय आर फेर देखु तनाव अपने के पास नै फटकत संगे अपने स्वस्थ सेहो रहब

Thursday, May 15, 2008

आहा'क गुस्सा ....

आजुक भाग दौर के जिंदगी मs तनाव ग्रस्त रहब आम बात अछि ! जखन हम सब तनाव ग्रस्त रहैत छलो तs कखनो कखनो गुस्सा ऐब सेहो स्वाभाविक अछि ! लेकिन गुस्सा यदि आदत के रूप ल लीय, तs ओई पर विचार करबा'क चाही ! बार बार गुस्सा करला सs हमरा सब के सेहत पर ओकर बहुत ग़लत प्रभाव परैत अछि ! कनी अपन अरोस परोस मs नज़र दौराबू आहा देखब की जे महानुभाव गुस्सा नै करैत छैथ, ओ बीमार बहुत कम परैत छैथ ! गुस्सा एक प्रकार के भावना अछि ! लेकिन जखन भावना व्यवहार आर आदत मs बदैल जै'य त अपने के साथ - साथ दोसरो पर ओकर ग़लत असर परे लगे'य ! तही लेल जरुरी अछि की अपन गुस्सा के सही वजह कs पहचाने के प्रयाश करी आर ओई पर नियंत्रण राखी

गुस्सा पर नियंत्रण करै लेल जरुरी अछि, आहा अपन बारे मs ठीक स जानी की आहा'क अपन प्रति व्यवहार केहेन अछि !

गुस्सा नियंत्रण करै हेतु किछ टिप्स

*कुनू तरहक समस्या सs लरै के क्षमता राखी आर ओई बात के पता करी की उक्त बात अपने क वाकई मs गुस्सा करै योग्य अछि !

*ओई बात के पता करै के प्रयास करी जै सs अहा'क गुस्सा आबैत अछि

*गुस्सा के समय अपन शरीर खास के क हाव - भाव आर हाथ - पेर के गति विधि के ध्यान राखी

*गुस्सा ऐला पर अपन ध्यान क दोसर पर केंद्रित करै के प्रयाश करी


अई तरह'क छोट - मोट बात कय ध्यान मs राखैत अपने अपन गुस्सा स निजात पैब सके छलो ! गुस्सा के वक्त कुनू तरहक प्रतिक्रिया स बच्बाक चाही ! ओई सs लगभग सब समस्या खुदे समाप्त भो जेत

नोट : आदमी के भावना (सोच),विचार आर आदत मs अंतसर्वबंध होईत अछि ! विचार, सोच कs प्रभावित करैत अछि आर सोच सs आदत बदलैत छले ! दोसर पहलू पर विचार करल जे तय अहो के आदत विचार मs आर फेर विचार भावना मs परिवर्तन आने छले !

Saturday, March 08, 2008

ज़िम्मेदारी

किछ महानुभाव अपन ज़िम्मेदारी कए बोझ समझेत छैथ आर किछ महानुभाव ओकरा अपन जीवन के उद्देश्य अपन कर्म आर कर्तव्य ! आइठंम सवाल इ नै अछि की के की मानैत छैथ, सवाल इ अछि की एके बात के लेल इ अलग -अलग नजरिया किये ?

बोझ या जीवे के उद्देश्य - हर काज के साथ जिम्मेदारी जुरल अछि ! बिना जिम्मेदारी कs पूरा केना कुनू काज मs सफलता के उम्मीद बैमानी अछि ! आब इ आहा क सोच्बाक अछि की काज जिम्मेदारी स करबाक चाही या बोझ समझ कs ....

जना की हम ककरो चर्चा करे छी त हुनकर छवि ध्यान मs आइब जैत अछि ! उधारण स्वरुप कुनू बच्चा के चर्चा करला पर ओकर मासूमियत, ओकर शरारत, ओका भोलापन सब स्मरण भो जाय यs ! बात कुनू मित्र के करू त हुनकर सज्जनता, आचरण व्यवहार सब हमरा सब के ध्यान म आइब जैत अछि ! ओहिना जखन कुनू कामयाबी के बारे म कुनू कामयाब आदमी के बारे म हमसब चर्चा करेत छलो त पबे छी सब के पाछा हुनकर जिम्मेदारी के हाथ छैन ! जखन - जखन स्वतंत्रता के चर्चा चले य तs ओई मए जै क्रांतिकारी के नाम बच्चा - बच्चा के जुबान पर होई छैन ओ खाली अई लेल की ओसब जे जे जिम्मेदारी लेलैथ रहे ओकरा बखूबी समझल्खिंन आर पूरा तन - मन आर जान न्योछावर करे हेतुओ ओ अपन जिम्मेदारी स कखनो पीछा नै हटलेथ !


हम त इये कहब कुनू भी काज कs जिम्मेदारी स करे के प्रयाश करी ! चाहे काज पैघ हुवे या छोट जिम्मेदारी स करल गेल काज के मज़े किछ आर होई य ! जिम्मेदारी स काज करै वला मए विवेकशीलता, आत्मविश्वास आर सकारात्मक सोच के अमूल्य धरोहर हुनकर मार्ग प्रशस्त करैत खुद हुनकर काज म कामयाबी के मिसाल बैन क सदैव हुनकर मनोबल उंचा राखे छैन ! आई जतेक अविष्कार हमरा सब के बिच अछि ओकरो करे वला कियो सधारने इन्सान रहथिन ! आई नव - नव तकनीक नव - नव अविष्कार, हर क्षेत्र म दिनोदिन प्रगति के नव नव रास्ता तखने खुलल य जखन हमरा सब क अपन अपन जिम्मेदारी के समझक अहसास भेल अछि !


आई कियोभी चाहे आदमी, संस्था, समाज या देश अपन जिम्मेदारी कए समझे बिना किछ भी हासिल नै के सके छैथ ! एक छोट सन क देश जापान जकरा पूर्ण रूप स तहस - नहस करे म कुनू कसर बांकी नै राखल गेल, ओ फेर आर पहिने स कही ज्यादा उन्नत रूप मए विश्व भैर म अपन स्थान बनेना अछि ! कुन दम पर ? यकीनन अपन जिम्मेदारी स उद्देश्य समेझ कs ....

अहिलेल कहेछलो आहू अपन जिम्मेदारी पूरा करे म कुनू कसर बांकी नै राखी ! यदि अपने क इ बोझ महसूस हुवे त यकीनन आहाके ओकरा बारे म आगा किछ भी सोच्बाक व्येथ अछि ! आहा ओई काज क ओहिठाम छोइर क चैन के निंद ली इये आहा के लेल बेहतर हेत ! कियेकी जखन आहा अपन आचरण आर व्यवहार मए कुनू बदलाव नै लाबे चाहे छी त कम स कम अपन समय बर्बाद नै करू ! पुरातन काल मए कतेक लड़ाई भेल, जते जिम्मेदारी स काज करल गेल ओते हुनका सब क जीत मिललैन आर जते जिम्मेदारी ठीक ढंग स पूरा नै भेल ओई ठाम परिणाम मए मिललैन - हार

अपने कs माने परत यदि आदमी कुनू जिम्मेदारी अपन इच्छा स लैत छैथ त ओ हुनकर ताकत आर जीवन जीवे के उद्देश्य बैन जाय छैन ! मुदा यदि कुनू जुम्मेदारी ज़बरन लिए परे त ओ बोझ महसूस हुवे लागे य ! सवाल जिम्मेदारी के अहसास के अछि ! जकरा संक्षेप्त म कहल जाय त अपन हालत आर हालात के जिम्मेदारी यदि आहा स्वयं पर ली तखने अई मs सूधार हेत !!

Friday, March 07, 2008

चलू किछ बात करी

बिना बात - चित के परिवारिक रिश्ता म करुवाहत आम बात अछि ! इये करुवाहत जन्म दै य अवसाद आर तनाव जेहेंन परेशानी क ! जरुरी अछि की परिवार के सब सदस्य स्वस्थ माहोल म किछ देर बैस क बातचीत करी ! एक दोसर स बात बाँटी ताकि रिश्ता टुकरा म बटे स बचे ! आई समाज के लगभग हर परिवार के सदस्य म तनाव देखई लए मिले य ! बेटा बाप स, बेटी माँ स, पत्नी पति स, त भाई बहिन स रुसल रहेत छैथ ! इ सब समस्या के मूल कारण अछि की किनको पास दु घडी बैस कए बातचीत करै के फुरसत नै छैन ! हम सब टीवी या अपन - अपन कमरा तक सीमित भेल जे रहलो य ! परिवार के बिच संवादहीनता परसल अछि जकरा कारण हम सब एक दोसर के भावनात्मक रूप सए वंचित छी ! माँ - बाबूजी आर बच्चा सब के बिच म एक शून्य उत्पन्न भेल जे रहल अछि ! माँ - बाबूजी बच्चा सब स अनावश्यक बातचीत करब नै चाहेत छैथ ! खाली जरुरी बात पुइछ क रैह जाई छैथ ! जखन की माँ - बाबूजी क बच्चा के हरेक बातक जानकारी होनै चाही ! बच्चा पर ध्यान राखब हर माँ - बाबूजी के फर्ज होई छैन ! जातक आहा अपन बच्चा स बात चित नै करबे त ओ अपने क अपन मन के बात कोना बतेत ? खाश के क युवावस्था प्राप्त करे बला आहा के बच्चा के लेल इ परम आवश्यक अछि की आहा हुनका स बात चित करैत रहू ! ताकि अपने क पता चले ओ कते जैत छैथ, की पहिनैत छैथ, हुनकर के के संगी - साथी छैन आर हुनकर कथी कथी म रूचि छैन इ सब जानकारी राखब हर माँ - बाबूजी के लेल परम आवश्यक अछि ! माँ - बाबूजी के फर्ज छियेंन की ओ अपन जायज बात बच्चा क बताबैथ ! अगर अपने गृहिणी छी त आई दिन म आहा की सब काज केलो, के के दिन म एलेथ आदि चर्चा सब करबाक चाही ! कतेक बेर त देखल गेल य की पत्नी - पति आपसे मए एक - दोसर क नै जानैत छथिन ! किये की ओ आपस म एक - दोसर के बिच कुनू चर्चा नै करैत छैथ ! या करैतो छैथ त कम - सम, पति - पत्नी के रिश्ता भोजन के लिया, कपड़ा धोई लिया बस अहि ठाम तक सीमित अछि ? आई स्थिति म रिश्ता म दुरी बढ़ने स्वाभाविक अछि ! किनको मुह स सुनलो की " हमर इये प्रयाश रहे य की जै घर म बाबूजी बैसल रहैत छैथ ओई घर म हम नै बैसी" याद राखु की इ स्थिति बुजुर्ग लोकैंन क परेशां करे य ! अहिलेल वृद्धावस्था मए हर बुजुर्ग क़ शिकायत रहै छैन की बच्चा माँ - बाबूजी के पास नै बैसैत छैथ !


याद राखी की संवादहीनता क वैचारिक मतभेद बढ़ई य जे अंत मए भावनात्मक दुरी म बदैल जैत अछि ! माँ - बाबूजी आर बच्चा के बिच यदि आरंभ स संवादहीनता के स्थिति पैदा नै हुवे त अंत तक वैचारिक आदान - प्रदान कायम रहत ! साथे नया पीढ़ी म पनैप रहल अवसाद, तनाव जेहेंन परेशानी के हल सेहो मिल जेत !!

Wednesday, March 05, 2008

जीवन के उद्देश्य आर आहाक आत्मविश्वास

प्रिय मिथिला बंधूगन......
कुनू भी सफलता ओहिना हाथ नै लागै छई, ओकरा हेतु आवश्यक अछि की अहाक उद्देश्य स्पष्ट हुवे आर आहा क आत्मविश्वास हुवे की आहा जे रास्ता चुन्लो य ओई पर आहा तमाम व्यवहारिक - अव्यवहारिक रुकावट के बावजूद चलैत रहब !

मुदा की स्पष्ट आर आत्मविश्वासी होनै एतेक आसान अछि ? सकारात्मक सोच ओहिना विकसित नै होइत छल ! कतेक हीन भाव स आई के प्रतियोगिता पूर्ण समय मए युवा लोकेन ग्रसित रहैत छैथ ! सकारात्मक सोच के लेल सर्व प्रथम आवश्यक अछि अपने क जानै परत की आहा मए की कमि आर की खूबी अछि !

आत्मविश्वास बढेनैय खाली आहा के हाथ म अछि ! ओकरा लेल आहा क कनी सामाजिक आर मिलनसार बने परत ! लोग सब स मिल्योन, हुनकर सब बात सुनियोंन, अपन बिचार दियो, हुनकर बिचार सुनियो ! अई तरह स अपने क महसूस हेत की आहो क लोग सूनेत छैथ ! आहा के विचार क सम्झेत छैथ, आहा स ओ प्रभावित होइत छैथ ! लोग स गर्मजोशी स मिलल करू, लोग आहा स गर्मजोशी स मिलता त आहा क निक लागत ! हमर कहे के मतलब अपने क अपन आप म उद्देश्य के लेल ईमानदार होबाक चाही !

आहा अपन वर्तमान आर भविष्य सs लगाव राखु ! अपन सामर्थ्य क ध्यान म राखैत भविष्य के उद्देश्य निर्धारित करू ! अई लगाव क लगन मए बदले दियो ! हमर मतलब आहा पहिने अपन लक्ष्य सुनिश्चित करी तकर बाद तन - मन - धन स ओकरा हासिल करे मए जुटी !

लक्ष्य मिल्ला के बादो भविष्य के तरफ देखब बंद नै करी कारन आहाक सफलता कुंठित भे जेत ! सफलता के खाली एके सीढी नै होई छई, इ अंतहीन सिलसिला अछि जे हर सीढी के बाद आहा क नया आत्मविश्वास प्रदान करत ! जना की बच्चा पहिने एके कदम चालला पर गीर जैत छैथ, मुदा लगन के कारन चल्नै सिखेत छैथ ! पहिने दु फेर चैर फेर एक निश्चित दुरी ......... फेर किछ दिन म ओ दौरे लगेत छैथ ......... मुदा की ओ फेर चुप बैसैत छैथ ? नै किछ दिन के बाद ओ साईकिल चलाबैत छैथ .... मतलब इ सिलसिला कहियो रुके नै छैन !

निराशा सफलता के लेल सबसे बेसी घातक होई य ! निराश व्यक्ति समर्थ भेलो पर असमर्थ होइत छैथ ! निराशा स बचनै जरुरी अछि, चाहे ओकरा लेल अपन अहम त्यैग दोसर स मददे किये न लिए परे ! ज्ञानअर्जन के कुनू सीमा नै अछि, ज्ञान स आत्मविश्वास बढ़ैत अछि !

अगर आहा अपन उद्देश्य के प्रति समर्पित आर स्पष्ट छी त कुनू तरहक विरोध के परवाह नै करी ! आत्मविश्वास के बिज बचपन स मन म होई य, बस ओकरा सिंचेत - रोपैत रहे के जरुरत अछि ! ओ फल्बे - फुल्बे करत अई तरह स अपन लक्ष्य क निर्धारित करैत निराशा के उपेक्षा के क अपन उद्देश्य प्राप्त करे हेतु सक्रिय रहू, एक न एक दिन सफलता आहा के कदम चुम्बे करत॥


हम जीतमोहन जी के आभारी छियेंन जे ओ इ मैथिली ब्लोग
मैथिल और मिथिला " बनेलैथ आर ओई पर हमरो सब क लेखक के रूप म आमंत्रित केलैथ ! समस्त मिथिला वासी स हमर आवाहन अछि की अपनों मैथिली भाषा के प्रति जागरूकता देखाबी !!

धन्यवाद" जय मैथिली, जय मिथिला !!

11000 PALM LEAF PANJI INSCRIPTIONS (VOLUME I TO XXII)

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