भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति

(c)२०००-२०२५. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। Editor: Gajendra Thakur

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(c) २०००-२०२२ सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि।  भालसरिक गाछ जे सन २००० सँ याहूसिटीजपर छल http://www.geocities.com/.../bhalsarik_gachh.html, http://www.geocities.com/ggajendra  आदि लिंकपर  आ अखनो ५ जुलाइ २००४ क पोस्ट http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html  (किछु दिन लेल http://videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html  लिंकपर, स्रोत wayback machine of https://web.archive.org/web/*/videha  258 capture(s) from 2004 to 2016- http://videha.com/  भालसरिक गाछ-प्रथम मैथिली ब्लॉग / मैथिली ब्लॉगक एग्रीगेटर) केर रूपमे इन्टरनेटपर  मैथिलीक प्राचीनतम उपस्थितक रूपमे विद्यमान अछि। ई मैथिलीक पहिल इंटरनेट पत्रिका थिक जकर नाम बादमे १ जनवरी २००८ सँ "विदेह" पड़लै।इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/  पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA

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Monday, July 28, 2008

'विदेह' १ जुलाई २००८ ( वर्ष १ मास ७ अंक १३ )८. मिथिला कला (आगां) श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर,




८. मिथिला कला (आगां) श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर, उम्र 60 वर्ष, ग्राम- हैँठी-बाली, जिला मधुबनी।
विभिन्न तरहक भार सभक चित्र नीचाँमे देल गेल अछि।




अनुवर्तते)

Saturday, July 26, 2008

विदेह 01 अप्रैल 2008 वर्ष 1 मास 4 अंक 7 7. मिथिला कला- चित्रकला चित्रकार प्रीति चित्रकार- प्रीति, गाम-जगेली(जिला पूर्णिया),बिहार, भारत)।


7. मिथिला कला- चित्रकला चित्रकार प्रीति
चित्रकार- प्रीति, गाम-जगेली(जिला पूर्णिया),बिहार, भारत)।

दशपात अरिपन
कन्याक मुण्डन,कान छेदन आ' विवाहक अवसर पर कुलदेवताक घर आकि मण्डप पर बनाओल जाइत अछि।
बनेबाक- विधि। एकर बनेबाक विधि सूक्ष्म अछि।
ऊपरमे तीन पातक पुष्प, ,ओकरनीँचा पाँच-पातक कमल-पुष्प,ओकर नीचाँ सात-पात युक्त्त कमल, बीचमे अष्टदल कमल अछि। दश पात चारू दिशि अछि। नौ टा माँछक चित्र सेहो अछि।

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विदेह (पाक्षिक) संपादक- गजेन्द्र ठाकुर। एतय प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ आर्काइवक/ अंग्रेजी-संस्कृत अनुवादक ई-प्रकाशन/ आर्काइवक अधिकार एहि ई पत्रिकाकेँ छैक। रचनाकार अपन मौलिक आऽ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) ggajendra@yahoo.co.in आकि ggajendra@videha.co.in केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx आ’ .txt फॉर्मेटमे पठा सकैत छथि। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ’ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आऽ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक 1 आ’ 15 तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि।

Friday, July 25, 2008

विदेह 15 मार्च 2008 वर्ष 1मास 3 अंक 6 7. मिथिला कला- चित्रकला चित्रकार उमेश कुमार महतो

7. मिथिला कला- चित्रकला चित्रकार उमेश कुमार महतो
मधुश्रावणी अरिपन


गतांकमे एकर चर्चा छल जे मधुश्रावनीमे संगमे सूर्य चन्द्र गौर, साठि आ’ नवग्रहक चित्र सेहो लिखल जाइत अछि।
एकर चित्र एहि अंकमे प्रस्तुत अछि।





Kurukshetram of the Inner Mind- KURUKSHETRAM ANTARMANAK [कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक] -A MAITHILI NOVEL BY GAJENDRA THAKUR- in English Translation

  Study Guide: Kurukshetram of the Inner Mind Kurukshetram of the Inner Mind   is a Maithili novel authored and translated into English by...