
केसर श्वेत हरित त्रिवार्णिक
मध्य नील चक्र अछि शोभित
चौबीस कीलक चक्र खचित अछि
अछि हाथ हमर पताका ई,
वन्दन, भारतभूमिक पूजन,
करय छी हम, लए अरिमर्दनक हम प्रण।
अहर्निश जागि करब हम रक्षा
प्राणक बलिदान दए देब अपन
सुख पसरत दुख दूर होएत गए
छी हम देशक ई देश हमर
अपन अपन पथमे लागल सभ
करत धन्य-धान्यक पूर्ति जखन
हाथ त्रिवार्णिक चक्र खचित बिच
बढ़त कीर्तिक संग देश तखन।
करि वन्दन मातृभूमिक पूजन,
छी हम, बढ़ि अरिमर्दनक लए प्रण।
समतल पर्वत तट सगरक
गङ्गा गोदावरी कावेरी ताप्ती,
नर्मदाक पावन धार,सरस्वती,
सिन्धु यमुनाक कातक हम
छी प्रगतिक आकांक्षी
देशक निर्माणक कार्मिक अविचल,
स्वच्छ धारक कातक बासी,
कीर्ति त्रिवार्णिक हाथ लेने छी,
वन्दन करैत माँ भारतीक,
कीर्तिक अभिलाषी,
आन्धीक बिहारिक आकांक्षी।
समर्पण गर्वक-संग ओहि 16 बलिदानीक नाम जे मुम्बईमे देशक सम्मानक रक्षार्थ अपन प्राणक बलिदान देलन्हि।
१.एन.एस.जी. मेजर सन्दीप उन्नीकृष्णन्
२.ए.टी.एस.चीफ हेमंत कड़कड़े

३.अशोक कामटे

४.इंस्पेक्टर विजय सालस्कर

५.एन.एस.जी हवलदार गजेन्द्र सिंह "बिष्ट"

६.इंस्पेक्टर शशांक शिन्दे
७.इंस्पेक्टर ए.आर.चिटले
८.सब इंस्पेक्टर प्रकाश मोरे
९.कांस्टेबल विजय खांडेकर
१०.ए.एस.आइ.वी.अबाले
११.बाउ साब दुर्गुरे
१२.नानासाहब भोसले
१३.कांसटेबल जयवंत पाटिल
१४.कांसटेबल शेघोष पाटिल
१५.अम्बादास रामचन्द्र पवार
१६.एस.सी.चौधरी