भालसरिक गाछ जे सन २००० सँ याहूसिटीजपर छल अखनो ५ जुलाई २००४ क पोस्ट'भालसरिक गाछ'- केर रूपमे इंटरनेटपर मैथिलीक प्राचीनतम उपस्थितिक रूपमे विद्यमान अछि जे विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,आ http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि।
भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति
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मिथिलाक विकासक बात अछि जे मिथिलाक विकास कोना होएत। मिथिलाक विकासक लेल विषय-वस्तुक बारेमे एकजुट हेबेक चाही , एक दोसरकेँ साथ चलबाक विषय हो, जे विकास नेतागण अपन राजनीतिक रोटी नहि सेकथि आर मुद्दा सिर्फ विकासक होबक चाही ! आइ बिहारमे मिथिलाक भूमि विकाससँ वंचित आछि ! आइ हम सभ अपन रोजी रोटीक तलासमे दिल्लीमे छी, कियो पंजाब आ कियो मुम्बयमे कोपक शिकार होइत अछि ! यदि मिथिलामे रोजगार होइत तखन दिल्ली तँ दूर होइत। लोकमे दम होइत, कोशी कमलाक जल संसाधनकेँ मजबूत तटबन्ध रहितै आ गाम आइ जीवित होइत। सरकारक नीति जे बिहारक नामपर घोषना तँ होइत अछि लेकिन पैसा आँखिक नोर सुखलाक बाद जाइत अछि ! फेर जर्जर के जर्जर।एकताक जरूरत आछि आर नितिश जी के नीति सही अछि जे पुनः बिहार बचेबाक नीति विकासक नीति रोजगारक नीति मिथिलाक चौतरफा विकासक नीति !
हम की हमर पहचान की
मिथिलाक पहचान माछ, पान ओ मखान ,
धोती कुर्ता ओ डोप्टाओ मुँहमे पान ,
धैर्यय ओ बलबान सभसँ भेटय सम्मान ,
आह नहि किनको हरदम मुहपर मुस्कान !
ई हमर मिथिलाक पहचान !!
सभसँ पछुआयल छी ओ जग नाम ,
खान पान हो सबकेँ देता समान ,
नहि कियो अपन नहि कियो आन ,
सभकेँ सुआगत एक समान !
ई हमर मिथिलाकपहचान !!,
गंगा कोसी जीबछ धार ,
सभकेँ लगबथि बेर पार ,
धन समानक कुबेर के अवतार,
सगरुओ मिथिलाक महिमा अपरम पार,
ई मिथिलाक पहचान !!
घर ने पथार अछि टुटल मरैया,
भैयानेने अएला सुन्दर बहुरिया ,
बुढ़ो जवान भेल देखी कऽबहुरिया ,
नेनाक चालि चले नवकीकनियाँ ,
दिन हो राति बैसल सदिखनलाबैतरहतबात ,
निकलथि जखन बजार तखन सिटी बाजे हजार ,
घर ने पथारी अछिटुटल मरैया ,
सभ मिल ताना मारय , ई जुल्मीनजरिया ,
रातिकेँ सिटी बजबैए , पीबि तारी ओर दारू ,
माता के चरण कमलमे आरती प्रस्तुत जय अम्बे जय अम्बे जय जय अम्बे जय अम्बे नूतन सघन सजल नीरद छवि शंकर नाम लेबैया , योगनी कोटि आंगन डाकनी नाचतता ता थैया जय अम्बे जय अम्बे जय जय अम्बे जय अम्बे !! मुंडमाल उर बियाल बिराजित बसन बाघम्बर राजे , कर खप्पर अरुकोसल सित अति कति किंकिन अति बाजे, जय अम्बे जय अम्बे जय जय अम्बे जय अम्बे !! संसार पयोनिधि पार उतारिन सभ आसन सुख देया ! डीमिक डीमिक कर डमरू बाजे नाचत ता ता थैया , जय अम्बे जय अम्बे जय जय अम्बे जय अम्बे !! शिवसनकादि आदि मुनि सेवक शुम्भ निशुम्भ बेधैया , रमा कान्त करू बिनतीआरती जय जय तारिणी मैया , जय अम्बे जय अम्बे जय जय अम्बे जय अम्बे !!
जय श्यामा माताक आरती
जय श्यामाजय श्यामा जय जय श्यामा जय श्यामा ,
पनाचान्न वाहन महिष बिनासिनी नीरद छवि अभिरामा ,
चंड मुंड महिषासुर मर्दनी त्रिभुवन सुन्दर नामा .
जय जय जय श्यामा जय जय श्यामा .......................!!
शंभु धरनी समसान निवासिनी जग जननीअभिरामा ,
सुम्भ निसुम्भ रक्क्त भव मर्दनी श्री गंगाधर बामा ,,
जय जय जय श्यामा जय जय श्यामा .......................!!
नारायणनरसिंहबिनोदिनीबिन्ध्य शिखर बिश्रामा ,
चमुंडा चंडासुर घातिनी पूर्ण निज मन कामा ,
जय जय जय श्यामा जय जय श्यामा .......................!!
तुअ गुण वेद पुराण बखानत को नहि जानत नामा ,
सेवक अधम रमा कान्तपुकारत पुरहु सकल मन कामा
जय जय जय श्यामा जय जय श्यामा .......................!!
की गलती हमरासँ भेल
ओकर सजा किए बेटाकेँ बजालेलहुँ,
हमरासँ दूर किए केलहुँ ,
आप्रद यदि हमरासँ भेल ,
तँ हमर किए नहि कष्ट देल,
छ्ल आसरा एकटा तकरो ,
अहाँ राखमे समा लेलहुँ ,
सभटा अहाँ जानै छी,
एना किए नुठुर अहाँ भेलहुँ ,
पूजा हम करै छी पाठ हम करै छी ,
नाम अहाँक लय सभ दिन उठी ,
आँखि खोलू हे माता आन्हर किए ,
हमर जीबनकेँ साकार करु , बेटाक संग ,
हमरो ओधर करु जीबन ,
ककरा मुँह देखि बितायब हम जिन्दगी ,
आब तँ पहर बनि जाएत जिन्दगी ,
एकटा कृपा करु माता सभ दुःखहरू ,
माया जंजालक फंदासँ पार आब करू
चल चल रे हवा ,पूब दिसा
मिथिला राज्य बनाबी ,
जतएसीताक नगरी ,
ओतहि खिलए सबरंग फुल ,
चाहु दिस हरियर होयत खेत ,
नहि तूँ करिहऽ ककरोसँ भेँट ,
चल चल रे हवा मिथिला देस ,
गंगा कोसी कमला बलान ,
नहि करती ककरो कलेस ,
सभक कमाना पूरा करती,
मिथिलाक नरेस ,
सभ दिन पूजब अहाँकभेस ,
चल चल हवा मिथिला देस!
बिबाह ने भेल एकटा सोगातक संग भेटल
बिबाहकेँ एखन धरि झेल रहल छी ,
जेना बछड़ू बिना महिस बेकार तहिना खेल , भए रहल अछि,
सास तँ बुझु जे राँचीक काँके रिटायर
आर ससुर बुझू जे सगरु भारतसँ अवकाश प्राप्त ,
कहैले महिस स्कूलसँ बी.ए. पास ,
सास इंटर पास कनिया भेटली एम.ए.पास
सारकेँ पठेला देसे पार , छोटकी सारि सदिखन मुँहे फइर,
परिचय:- वर्तमानमे आकाशवाणी दिल्लीमे संवाददाता सह समाचार वाचक रूपमे कार्यरत छी। हिंदी आ मैथिलीमे लेखन। शिक्षा- एम. फिल पत्रकारिता व जनसंचार कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्रसॅं।जन्म:- कलकतामे । मूल निवासी:-ग्राम -मंगरौना, भाया -अंधराठाढ़ी जिला-मधुबनी बिहार।