अमित मिश्र- १.राति दिवालीक २.जनमदिनक शुभकामनाराति दिवालीक
कारी-कारी राति डेराओन
मुदा चमकि गेल दीप हजार
मच्छर झड़काबैत हुक्का-पाती
स्वाहा भेल कुरीतक संसार
पाड़ल अरिपन माँझ आँगन
राँगल देबाल, चौकठि, केबार
पुरना झगड़ापर पड़ल गर्दा
भेलै नव जीवनक संचार
मधुर-मिठाइ, पूजा पाठमे
लागल सभक घर-परिवार
संग चुन्नू-मुन्नू, मुन्ना-टुन्ना
लगा देलक फटक्काक पथार
राति दिवालीक सब दिन आबै
सब दिन सजै मस्तीक बजार
सब दिन आबथि लक्ष्मी मैया
सब दिन राखब खोलि केबार
२.
जनमदिनक शुभकामना
जनमदिन जे रामक एलै
बनलै अगबे मधुर-मिष्ठान
पात-पात हँसि-हँसि कऽ झूमै
नाचै मोर, छेड़ै कोइली तान
कनियाँ-मनियाँ लड्डू बाँटथि
ठुमकि-ठुमकि कऽ चलथि भगवान
जखने रामके मधुर मुस्की छूटल
काँपल रावण देलक पतनुकान
मातृ-पितृ भक्त, मर्यादा पुरूषोतम
बाल-गोपल बनब ओहने महान
सब साल आबि मेटाबू सघन तम
जनमदिनक शुभकामना अछि भगवान