भालसरिक गाछ/ विदेह- इन्टरनेट (अंतर्जाल) पर मैथिलीक पहिल उपस्थिति

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Friday, February 22, 2008

एक अलग पहचान !

कतेक सुखद हेतीए, अगर लोग के बिच मs आहा के एक अलग पहचान रहतीए ? लोग अपने कs पसंद करैथ, अपने स मिलब पसंद करैथ, अपने के बात कs ध्यान सs सुनैथ, इ हर इन्शान के चाहत होइत अछि !!

मुदा अपने कs इ माने परत की इ सब एतबो आसान नै छै ! एक अलग शख्सियत के मालीक हेनै बहुत मुश्किल अछि ! खाली शारीरिक सुन्दरता, पद आर पैसा के बस के इ बात नै अछि ! आहा एक आम आदमी भेला के बावजूद भी खास बैन सके छी ! बशर्ते किछ छोट - मोट बात अगर याद राखी !

किछ याद राखै योग्य बात .........

* एक निक श्रोता बनू !

* निक वक्ता ओ कहलाबैत छैथ जे सब के बात क सुनैथ आर अंत मs सोइच कs अपन विचार रखैत छैथ !

* ज्यादा बाजब, डींग हाकब, व्यंग्य करब, अपने मुह मिया मिट्ठू बनब अई तरहक बात अपने के शख्सियत कs गलत साबित कैर सकेत अछि !

* हमेसा ओही तरहक बात करबाक चाही जे आहा के जीवन मs खरा उतरे ! जकरा आहा स्वयं व्यवहार मs लाबे छी !

* अपन बहुमूल्य राय किनको मांगला पर दीयोंन !

* सुतई समय अपन स्वविलेषण जरुर करी !

* अपन सिधांत बनाबू, आर ओई पर अमल करै के हर संभव प्रयास करू !

* हमेसा सकारात्मक सोच राखी ! मनोवैज्ञानिक के कहब छैन की आत्मविश्वास आर आशावादी व्यक्ति हर चुनोती के सामना करै मs सक्षम होइत छथिन !

* निक बनै के लेल निक सोचब जरुरी अछि ! दोसर के आचरण कs छोइर कs अपन आचरण पर ध्यान देबाक चाही !

* स्वभाव मs विनम्रता के साथ दृढ़ता आवश्यक होइत अछि ! कुनू गलत बात या प्रस्ताव पर नै कहब सिखु !

अई तरहक छोट - मोट बात कs अपन व्यवहार मए उतैर कs अपने सब के बिच अपन एक अलग, स्पष्ट पहचान बनाबे मs सफल भे सके छी ! पैसा आर प्रसिद्धि के पीछा भागब व्यर्थ अछि ! अपन क्षेत्र मs सफल व्यक्ति बनै के प्रयास करू ! कारन अहि सs अपन मिथिला के पहचान अछि !!


4 comments:

  1. priya jeetmohan,
    shubh snehaasheesh. vyavhaar sanskaar ke bahut prernaadaayak baat likhalaun ahan. dosar gapp ee je ahah ke blog maithili bhaasha ker maujood sab blog san saban neek laagal.

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  2. भैया प्रणाम !!

    हमरा बहुत ख़ुशी होइत अछि अपने के प्रस्तुति आई ब्लोग पर देख कs

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  3. baDDa nik blog achhi ee

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  4. ee blog samanya aa gambhir dunu tarahak pathakak lel achhi, maithilik bahut paigh seva ahan lokani kay rahal chhi, takar jatek charchaa hoy se kam achhi.

    dr palan jha

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